मीना दीदी का थ्रीसम, उनके सगे भाई और मेरे साथ
हैल्लो फ्रेंड्स,
मीना दीदी मेरी मौसी की लड़की है और मुझसे 6 साल बड़ी है। मीना दीदी के पति का देहांत हो चुका है। मीना दीदी अपने मायके में ही अपनी मम्मी, दादी और छोटे भाई के साथ रहती है। दीदी का घर मेरे घर से कुछ 5 मिनट की दुरी पर ही है। मीना दीदी मेरी सगी मौसी की लड़की है।
मीना दीदी की उम्र अभी 39 वर्ष है लेकिन वो 39 की लगती नहीं है, अभी भी बेहद खूबसूरत और जवान लगती है। दीदी का कद लगभग 5 फुट, शरीर पतला दुबला, लम्बे घने बाल, भूरी आँखे, लम्बी गर्दन, आकर्षित करने वाले मध्यम आकार के बोबे, पतली सी कमर और किसी का भी लंड खड़ा कर देने वाली सैक्सी गांड।
पहली बार 2013 में मैंने मीना दीदी की चुदाई की थी, उसके बाद से ही हमारा चुदाई का सिलसिला चला आ रहा है। ये सिलसिला शुरू कैसे हुआ था उसके बारे में मैं आपको शार्ट में बता देता हूँ, क्यूँ कि उसकी भी एक अलग कहानी है जो मैंने किसी और साइट पर डाली हुई है।
तो हुआ कुछ यूँ था कि 2010 में दीदी के पति का देहांत हो गया था, उसके बाद से दीदी अकेलापन महसूस करने लगी। उनकी शारीरिक जरूरते पूरी नहीं हो रही थी, इसलिए वो गुमसुम सी रहने लगी थी। उस समय मेरी उम्र 21 साल थी और दीदी कि उम्र 27 साल थी। तो आप
काफी वक़्त बीत जाने के बाद एक दिन दीदी मेरे घर कुछ दिनों के लिए रहने आई थी। और उस रात को दीदी मेरे पास ही सोई थी। रात में नींद में मैंने मेरा हाथ दीदी के पेट पर रख दिया जिससे दीदी के सोये अरमान जाग गए, उनकी सुखी पड़ी पैरों के बीच कि जन्नत में मानो किसी ने दस्तक दे दी हो।
उन्होने बिना देर किये मेरा चेहरा पकड़ा और मेरे होंठ पर अपने होंठ रख दिए और चूमने लगे, जिससे मेरी भी नींद खुल गई। कुछ देर के लिए तो मैं चकित रह गया लेकिन जब पता चला कि दीदी पुरे होश में है और वो क्या चाहती है वो भी उनकी आँखों में साफ दिख रहा था।
उसके बाद मैं भी दीदी को चूमने में साथ देने लगा और धीरे – धीरे हम आगे बढे और मैंने दीदी चुत मैं मेरा लंड डाल दिया और बहुत पेला उनकी चुत को।
4 दिन तक दीदी मेरे घर ही रुकी थी और मैं रोज उनकी चुदाई करता, इससे हम दोनों को ही फायदा हो रहा था। मुझे भी घर बैठे बिठाये एक जवान चुत चोदने का मौका मिल रहा था और दीदी को भी चुदाई का सुख मिल रहा था। इस तरह से हमारा चुदाई का सिलसिला शुरू हुआ।
हम लोग व्हाट्सप्प पर भी चैट करने लग गए और हर तरह कि बाते कर लेते थे। सब लोगों से छुपते छुपाते हमारा ये रिश्ता अच्छे से चल रहा था, लेकिन वो कहते है ना कि खुशियाँ ज्यादा दिन नहीं टिकती है।
2022 कि बात है, एक रात को मैं मीना दीदी से व्हाट्सप्प पर चैट कर रहा था, और हमारी ये बात चल रही थी कि एक दिन पहले दीदी घर आए थे, उनके पीरियड्स चल रहे थे इसलिए हम सेक्स नहीं कर सके, इसी बात पर हमारी बात चल रही थी। लेकिन मीना दीदी के भाई को पता नहीं कैसे भनक लग गई, और उसने हमारी चैट पढ़ ली। उस दिन उसने उसके घर में बहुत ड्रामा किया, बहुत सुनाया मीना दीदी को, और मेरे से भी बोलचाल बंद कर दी।
उसके बाद एक दिन दीदी का कॉल आया और कॉल पर रो रहे थे। मेरे पूछने पर उन्होने बताया कि उनका भाई रात में उनको व्हाट्सप्प पर मैसेज कर रहा था और कह रहा था कि मीना दीदी ! नींद नहीं आ रही हो तो मेरे पास आके सो जाओ। उसने आपको क्या मजे दिए होंगे, मैं ज्यादा मजे दूंगा। ये सुनकर मुझे भी ग़ुस्सा आया लेकिन कर भी क्या सकता था मैं, और ना दीदी कुछ कर सकते थे। इस बात को यही दबा दिया। मुझे भी पता चल गया कि अब उनका भाई भी उनकी चुत मारना चाहता है।
उसके बाद एक दिन उनका भाई उनको पास में बुलाके उसके फ़ोन में दीदी को फोटो दिखा रहा था जो कि पुरे न्यूड थे और दीदी ने पहले कभी मुझे भेजे थे। दीदी उन फोटो को देख के रोने लग गए और बोले कि मेरे नहीं है, किसी ने नकली फोटो एडिट किये होंगे।
उनके भाई से मेरी तो कट्टर दुश्मनी हो गई, हमारी बोलचाल बिलकुल ही बंद हो गई। हालांकि मीना दीदी आज भी कभी – कभी घर आ जाती है, और मौका मिलने पर हम चुदाई भी करते है।
अब मैं अपनी मैन कहानी पर आता हूँ………….
हाल ही में कुछ दिनों पहले मीना दीदी का कॉल आया था। उनको कुछ काम था मुझसे इसलिए वो घर आ रही थी। मेरे घर पर मैं अकेला ही था। जब दीदी मुझसे कॉल पर बात कर रही थी तब उनके भाई ने भी सुन लिया। दीदी का कॉल कटते ही उनके भाई का कॉल आया मेरे पास, और बोला कि तु अपनी औकात में रह.. और काफी कुछ सुनाने लगा मुझे।
लेकिन अब उसे देने के लिए मेरे पास भी जवाब तैयार थे इसलिए मैं डरा नहीं और उससे सीधे बात कि और कहा कि देख भाई मुझे भी पता है कि तुझे क्या चाहिए है मीना दीदी से। ये सुनकर वो भी चुप हो गया। फिर कुछ देर बाद बोला कि तुझे पता है तो अच्छी बात है, लेकिन अब मैं तुम्हारे बारे में मम्मी को बता दूंगा।
अब मेरे पास कोई चारा नहीं बचा उसके सामने घुटने टेकने के अलावा। फिर मैंने एक तरकीब सोची और उससे कहा कि अगर तु चाहे तो में तेरी हेल्प कर सकता हूँ मीना दीदी कि लेने में। उसने कहा कि मीना दीदी नहीं मानेगी। उनको पहले भी मैंने बोला था लेकिन वो मरने कि बाते करने लग गई इसलिए मैंने बोलना ही छोड़ दिया और अब तक चुप हूँ।
मैंने कहा – कोई बात नहीं, मैं तेरी हेल्प करूँगा। आज मीना दीदी घर आ रही है, और मेरे घर पर कोई नहीं है। तु एक काम कर मीना दीदी घर से निकले तब थोड़ी देर बाद तु भी निकल जाना और यहाँ आ जाना।
वो बोला – फिर?
मैंने कहा – तु बाहर ही कही छुप कर रहना। जब मैं तुझे मैसेज करुँ तब तु घर में आ जाना।
वो बोला – ठीक है।
कुछ ही देर में मीना दीदी घर आ गए।
मीना दीदी के फ़ोन में कुछ प्रॉब्लम हो रही थी इसलिए वो मेरे घर आई थी। मैंने वो प्रॉब्लम सोल्व कर ली और फिर हम बाते करने लगे। बात करते करते मैंने मीना दीदी को चूमना शुरू किया। हम एक दूसरे को चूमने लगे और मैं दीदी के ऊपर लेट गया और उनके गले में और सीने पर चूमने लगा।
मीना दीदी ने सलवार कुरता पहना था।
मैं कुर्ते के ऊपर से ही दीदी के बोबे दबाने लग गया और उनको लिपकिस्स करने लग गया।
फिर मैंने दीदी से कहा में 2 मिनट वाशरूम जाके आता हूँ।
मैं नीचे उतर कर वाशरूम गया और उनके भाई को मैसेज कर दिया कि 10 मिनट बाद सीधा ऊपर कमरे में आ जाना। घर का मैन दरवाजा भी मैंने अंदर से खुला ही छोड दिया और वापस कमरे में आ गया। और वापस आने के बाद फिर से दीदी से लिपट गया और उनको लिपकिस्स करने लगा और उनका कुरता खोल कर उनके पेट कर और सीने पर चूमने लगा।
तभी अचानक रूम का दरवाजा खुला और उनका भाई हमें रोमांस करते हुए देखने लगा और उसके फ़ोन में एक छोटा सा वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। मीना दीदी कि आँखे बंद थी तो उनको पता नहीं चला कि उनका भाई आ चुका है।
फिर उनका भाई गुस्से में मीना दीदी से बोला – यह क्या कर रहे हो?
तभी दीदी ने घबराकर आँखे खोली और अपने भाई को देख कर उनके पैरों तले जमीं खिसक गई।
वो गुस्से मे कमरे से बाहर जाने लगा और जाते जाते कहने लगा की अब तो मम्मी को मैं सब बता दूँगा और ये वीडियो भी दिखा दूँगा।
मीना दीदी की हालत खराब हो गई और वो रोने लग गई। तभी मैंने उनके भाई को आवाज लगा कर जाने से रोका और वापस कमरे मे आने को कहा।
वो कमरे मैं आया और हमारे पास आ कर खड़ा हो गया और बोला – क्या हुआ, बोल?
मैंने कहा – भाई, तु किसी को भी हमारे बारे मे मत बताना, हम लोगों की इज्जत का सवाल हैं। इसके बदले तु जो चाहे मांग ले।
वो बोला – मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं बस सब को बताना चाहता हूँ की मेरी बहन, जो की सब की नज़रों मे इतनी इज़्ज़तदार है, उनका वाकई में चरित्र कैसा है।
मैंने कहा – भाई, ये सब मत कर, तुझे क्या मिलेगा ये सब कर के ? इससे अच्छा मेरी बात मान ले और बता दे की तु हम लोगों को हमारे हाल पर छोड़ने का क्या लेगा?
( अब तक मीना दीदी ने रोते – रोते कुर्ता वापस पहन लिया था )
फिर वो दीदी की तरफ इशारा करते हुए बोला – इनको पता है की मुझे क्या चाहिए, लेकिन इसके लिए वो कभी नही मानेंगे।
दीदी रोते – रोते बोले – इसको मेरे साथ सोना है, लेकिन मैं मर जाऊँगी पर इसके साथ नही सोऊँगी।
वो बोला – क्यूँ? क्या प्रॉब्लम है।
दीदी – तु पागल है क्या? मेरा सगा भाई है तु। ऐसा सोच भी कैसे सकता है।
वो मुझसे बोला – देख मैंने कहा था ना, नहीं मानेंगे ये।
ऐसा बोलकर वो फिर से उठ कर जाने लगा।
मैंने फिर से उस रोका और दीदी को बोला, आपकी ज़िद की वजह से हम दोनों की जिंदगी खराब हो जाएगी। आप मरने की बात कर रहे हो, और मैं क्या करूँगा। मेरी भी तो इज्जत खराब हो जाएगी।
ऐसा बोलकर मैंने दीदी का कुर्ता पकडा और पुरा उपर कर दिया। दीदी ने रोकना चाहा, लेकिन मैंने थोड़ा जबरदस्ती की और कुर्ता पुरा खोल दिया और दीदी के सीने पर चूमने लगा।
दीदी ने मेरा सिर पकड़ लिया और मुझे रोकने की कोशिश करने लग गई, तभी मैंने दीदी के पैर खींच कर उन्हे लिटा दिया और मैं भी उनके पास लेट गया।
हम दोनों एक दूसरे के मुह की तरफ करवट लेके लेटे थे और मैं उनके होंठ चूमने लग गया। ये सब कुछ दीदी का भाई देख रहा था। मीना दीदी अभी भी सिसक रही थी और मुझसे बचने की कोशिश कर रही थी, क्यों कि उनका भाई पास मे ही खड़ा था।
पलंग के आगे वाले किनारे की तरफ दीदी लेटी थी जिनके पीछे की तरफ उनका भाई खड़ा था।
मैं दीदी को कसकर पकड़े था, और उनको चूम रहा था। तभी उनके भाई ने अपनी शर्ट उतारी और दीदी के पीछे आकर लेट गया।
अब दीदी हम दोनों के बीच मे थी और हम दोनों दीदी के बदन से चिपके हुए थे, और दीदी कुछ समझ नही पा रही थी की अब वो क्या करे?
तभी उनके भाई ने पीछे से दीदी की ब्रा का हूक खोल दिया और फिर हाथ को आगे ला कर दीदी के बोबे सहलाने लगा और दीदी की गांड पर अपना लंड रगड़ने लग गया।
मैं अब भी दीदी के होंठों को चूम रहा था। और फिर मैंने दीदी के पजामे का नाडा खोल दिया और पजामे को नीचे खीचने लगा, तभी दीदी ने पजामा पकड़ लिया और खोलने से रोकने लगे।
फिर हम दोनों भाईयों ने एक साथ पजामा पकड़ के खीचा, और पजामा घुटनों के नीचे तक खुल गया।
हम दोनों दीदी की जांघों को सहलाने लगे और उनके बोबे दबाने लगे। मेरा लंड कड़क हो गया था जो की मीना दीदी की जांघों के बीच धँस रहा था।
मैंने झट से अपना शॉर्ट और चड्डी खोल दिए और नँगा हो गया। फिर अपना लंड दीदी की पैंटी पर रगड़ने लगा। उनका भाई भी नँगा हो गया और दीदी की गांड पर अपना लंड रगड़ने लग गया।
अब दीदी को भी पता चल चुका था की अब विरोध करना बेकार है, मैं कुछ नही कर पाऊँगी इन दोनों के आगे। इसलिए अब वो कुछ नही कर रहे थे।
मैंने दीदी की पैंटी खोल दी और दीदी को पूरी नंगी कर दी। हम तीनों नंगे हो चुके थे और हम दोनों भाई दीदी के नंगे बदन को सहला रहे थे, चूम रहे थे।
फिर मैंने अपना लंड दीदी की चूत पर रगड़ना शुरू किया और धीरे – धीरे अंदर डालने लगा। और फिर अंदर डाल कर दीदी की चूत चोदने लगा।
दीदी ने भी आँखे बंद कर ली और चुदाई का मजा लेने लगी। तभी उनके भाई ने दीदी की गांड पर अपना लंड फेरना शुरू किया और दीदी की गांड मे लंड घुसाने लगा।
कुछ ही देर मैं दीदी की गांड और चूत दोनों एक साथ चुद रहे थे। दीदी को गांड मरवाने मे ज्यादा दर्द हो रहा था इसलिए वो दर्द से कराह रही थी।
कुछ देर बाद मैंने दीदी को उठाया और उनको घोड़ी बना दिया और उनके मुह मे अपना लंड दे दिया। और उनका भाई पीछे से दीदी की चूत मारने लगा।
दीदी मेरा लंड चूस रही थी और भाई के झटको से पूरी तरह से हिल रही थी। उनके हवा मे झूलते हुए बोबे बहुत ही कामुक लग रहे थे।
उनके भाई ने चूत मे ही उसका पानी छोड़ दिया और दीदी की पीठ पर ही निढाल हो गया। फिर उठ कर पलंग पर चित्त होकर लेट गया।
फिर मैंने दीदी को घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया। और कुछ देर बाद मैंने भी अपना वीर्य दीदी की चूत मे भर दिया।
फिर हम लोग उठे अपने अपने कपड़े पहने, और दीदी वॉशरूम चले गए। कुछ देर बाद वापस आए। लेकिन अब वो अपने भाई से नज़र नही मिला पा रहे थे। उन्होंने कभी नही सोचा था की वो उनके सगे भाई के सामने नंगी हो जाएगी और उससे चुद जाएगी।
खैर।।।।
कुछ देर बाद वो दोनों उनके घर चले गए।।।।।
धन्यवाद।।।।