mama ki beti kittu ko choda

मामा की बेटी किट्टू

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हेलो दोस्तों,

मैं आज आपको मेरे जीवन की एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ, जिसे पढ़ कर शायद आप लोगों के रोम रोम में आग जल जाए।

यहाँ बहुत से ऐसे लड़के है जो अपने घर मैं ही किसी को पसंद करते है, जैसे मामा की लड़की, मौसी की लड़की, बुआ की लड़की या फिर कोई भी। वो लड़के अपनी बहन के साथ रोमांस करना चाहते है, उनका नंगा बदन देखना चाहते है, उनके बोबे दबाना चाहते है, उनकी चुत चोदना चाहते है। कई मर्दों की ऐसी फेन्टेसी होती है।

कोई अपनी सगी बहन को छोटे छोटे कपड़ो में देखकर उत्तेजित हो जाता है, तो कोई बहन की गैर मौजूदगी मैं उसकी पैंटी और ब्रा के साथ खेलकर उत्तेजित होता है।

मैं भी कुछ कुछ ऐसा ही लड़का हूँ। मेरा और मेरे मामा का घर आमने सामने ही है। मैं वहां कभी भी आ जा सकता हूँ, किसी की कोई रोक टोक नहीं है। 

मामा के 3 लड़कियां और एक लड़का है। और मेरे 2 भाई है। मामा के बच्चे और हम लोग सभी साथ साथ ही बड़े हुए है। मामा की 2 लड़कियों की शादी हो चुकी है और वो उनके ससुराल चली गई। अब घर में बची सबसे छोटी बेटी जिसका नाम किट्टू है।

किट्टू की उम्र अभी 25 साल है और उम्र में मुझसे 8 साल छोटी है। किट्टू कि हाइट काफी लम्बी है, शरीर पतला दुबला है, छोटे छोटे छोटे बूब्स है, काले लम्बे बाल, पतली सी कमर और बाहर कि तरफ निकली हुई नितम्ब।

वैसे तो बचपन से ही हम साथ-साथ ही रहे है, कभी किट्टू पर गलत नज़र नहीं पड़ी, लेकिन जैसे जैसे उसकी उम्र बढ़ने लगी वैसे वैसे उसके शरीर की बनावट भी कामुक होने लगी। उसके स्तन भी बड़े हो गए और उसके नितम्ब भी बाहर की और निकल गए। अब उसे देखकर ऐसा लगने लग गया था की काश किसी तरह एक बार किट्टू के नंगे जिस्म के दर्शन हो सके।

कभी कभी ऐसे मोके मिल जाते थे जिससे किट्टू के जिस्म के काफी हद तक दीदार हो जाते। चुंकि किट्टू के पापा – मम्मी से मेरा रिश्ता अच्छा है, क्यूँ की मैं उनके सारे मुश्किल काम आसानी से कर लेता हूँ जिसे उनके बच्चे नहीं कर पाते। इसलिए वो मुझे बहुत मानते है, इसलिए मैं मामा के घर ज्यादा से ज्यादा टाइम बिता सकता हूँ।

किट्टू घर के काम करती, झाडू, पोंछा करने के लिए झुकती तो उसका क्लीवेज दिख जाता, जिसको मुझे नज़रे टेढ़ी करके देखना पड़ता। घर में वो हमेशा शॉर्ट्स और टीशर्ट में ही रहती है, जिससे उसकी लम्बी टांगे और जाँघे तो नंगी ही रहती है। और जब वो नीचे बैठती तो उसके शॉर्ट्स के नीचे से कभी कभी उसकी पैंटी भी दिख जाती है।

वो रसोई में काम करती तो मैं पीछे बैठा बैठा फ़ोन चलाता, और जब उसका ध्यान नहीं होता तब उसके नितम्ब को घूरता। किसी दिन उनके घर कोई नहीं होता, तब मैं उनके घर चला जाता, क्यूँ की किट्टू की दादी घर मैं ही रहती है ग्राउंड फ्लोर पर (मामा – मामी पहली मंजिल पर रहते है ) इसलिए मामा – मामी कही जाते तो घर खुला ही रख के जाते थे दादी के भरोसे। तब मैं वहां चला जाता और सीधा उनके बाथरूम में जाता, और बाथरूम मैं मुझे किट्टू की ब्रा और पैंटी मिल जाती जो किट्टू धो कर जाती थी। और कभी कभी तो मुझे मामी की ब्रा पैंटी भी मिल जाती तब मेरी उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ जाती।

किट्टू की पैंटी को उल्टी करके उस जगह पर चूमता जहाँ पर किट्टू की चुत चिपकी रहती, वहां चूमता – चाटता फिर अपना लंड बाहर निकाल कर उस जगह पर रगड़ता और मेरा वीर्य उसकी पैंटी पर ही निकाल देता। और ऐसा ही मैं मामी की पैंटी के साथ भी करता। ऐसा मैंने कई बार किया।

एक दिन मेरी मासी के घर हम लोगों ने पार्टी रखी थी। दारू भी पिया था और अंत मैं हम नाचने लग गए। किट्टू पूरी नशे में थी और मेरे साथ ही नाच रही थी। तब मैं भी किट्टू से चिपक चिपक कर नाच रहा था। किट्टू मेरा हाथ पकड़ कर नाच रही थी, जैसे की हम कपल डांस कर रहे हों। नाचते नाचते मैंने किट्टू को हग भी कर लिया और नशे मैं उसने भी कुछ नहीं कहा और वो भी हग करके नाच रही थी। तब उसके स्तन मेरे सीने पर दबने लग गए और मेरा लंड खड़ा हो गया जो किट्टू के शॉर्ट्स पर टच हो रहा था, और मैं जान बुझ कर अपना लंड उसके शॉर्ट्स पर दबा रहा था।

मुझे चाय का बहुत शौक है, और हर रविवार मैं सुबह ही किट्टू के घर चला जाता हूँ, फिर मामी या किट्टू मुझे चाय बना कर देते है। लेकिन चाय पीना तो सिर्फ बहाना है, मैं सिर्फ किट्टू को देखने जाता हूँ, क्यूँ कि किट्टू रात में सोते समय ब्रा खोल देती है और सिर्फ टीशर्ट पहन कर सोती है। वो अपनी दादी के साथ नीचे ही सोती है। और उसको ऐसी स्थिति में देखने कि लिए ही सुबह सुबह चला जाता हूँ। जाते ही मैं उसको पूरी तरह देखता हूँ, कभी उसका टीशर्ट ऊपर चढ़ा हुआ होता है तो उसका पेट देख के आनंदित होता हूँ तो कभी उसकी जाँघे देख कर। और किसी दिन कुछ ओढ़ रखा होता है तो मैं जाते ही उसका बिस्तर खींच लेता हूँ, और उसको उठने को बोलता हूँ। उस समय उसके टीशर्ट से उसके निप्पल उभरे हुए दिखते है जो बहुत ही कामुक लगते है। बस यही सब देखने के लिए मैं वहां चला जाता हूँ।

एक दिन मैं किट्टू को ऐसे ही उठा कर ऊपर जाने लगा, तभी मामा के लड़के ने जो कुत्ता पाल रखा है उसके गले से रस्सी खुल गई और वो सीढीयां उतरने लगा, तभी मैं उसको रोकने लगा और किट्टू को आवाज लगाई और किट्टू भागती हुई ऊपर आई, तब किट्टू को देख कर मेरा लंड तनने लग गया। किट्टू ने काले रंग का समीज पहना हुआ था और अंदर ब्रा भी नहीं पहनी थी। उसका बदन थोड़ा थोड़ा दिख रहा था। और जब वो कुत्ते को रस्सी से बाँधने के लिए झुकी हुई थी और बाँधने कि कोशिश कर रही थी तब उसके स्तन पूरी तरह से दिखने लगे, यहाँ तक कि उसके निप्पल भी एक दम साफ दिख रहे थे। उफ्फ्फ क्या नज़ारा था उस दिन तो, आज भी नहीं भूल सकता वो पल, जब पुरे 1 मिनट तक किट्टू कुत्ते को बाँधने कि कोशिश करती रही और मैं उसके स्तन को देखता रहा।

उसके कुछ दिनों बाद एक दिन शाम के समय मैं अपने रूम में पलंग पर लेटा लेटा फ़ोन चला रहा था। किट्टू अंदर आई और मुझसे प्रेस के लिए पूछ रही थी, और मैंने इशारे से बता दिया कि वहां रखी है। किट्टू ने प्रेस को प्लग में लगाया और अपना पजामा खोल दिया और पजामा प्रेस करने लगी। हालांकि उसने लम्बा कुरता पहना था इसलिए उसने ऐसा किया था, लेकिन पंखे कि हवा से उसका कुरता थोड़ा उड़ रहा था और कुर्ते कि साइट कट से किट्टू कि पैंटी दिख रही थी। हाययय….. मेरा पूरा ध्यान उस पर ही जाने लगा।

किट्टू से मेरी बॉन्डिंग काफी अच्छी है, हम दोनों आपस में सारी बाते शेयर करते है। लेकिन उसे यह नहीं पता कि मेरी नियत किट्टू के लिए बहुत ख़राब है। अगर मौका मिले तो पटक के चोद दूँ।

हाल ही में घर पर कोई फंक्शन था इसलिए मासियाँ उनके बच्चे मामा कि लड़कियां ये सभी घर आए थे। फंक्शन ख़त्म होने के बाद मैं दारू लेकर आया था जिसे मामा, मेरे भाई, किट्टू और किट्टू कि बड़ी बहन ने पिया। मासियाँ वगैरह सभी घर ही रुकने वाले थे और वो सब मामा के घर सोने चली गई। वहां जगह कम होने कि वजह से किट्टू और उसकी बहन मेरे घर सोने चले आए।

कुछ देर हम बातें करते रहे और फिर हम लोग भी सोने चले गए। पलंग पर किट्टू और मैं, हम दोनों सोए थे और मेरा भाई और किट्टू कि बहन वो नीचे फर्श पर बिस्तर लगा कर सोए। हम लोगों ने दारू पिया हुआ था और दिन भर कि थकान भी हो रही थी इसलिए सबको पड़ते ही नींद आ गई। लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी क्यूँ कि मेरे बगल में किट्टू सो रही थी। अब तो लग रहा था कि आज कुछ ना कुछ तो मिलने वाला है मुझे।

सब लोग सो चुके थे और मैंने किट्टू को देखा तो वो भी सो चुकी थी। तब मैंने धीरे धीरे मेरा हाथ किट्टू कि तरफ बढ़ाया और किट्टू के पेट पर रख दिया। किट्टू को छूते ही उसकी आँख खुल गई और वो मेरी तरफ देखने लग गई। मैंने अपनी आँखे बंद कर ली और ऐसे ही लेटा रहा। किट्टू ने सोचा होगा कि मैंने नींद में उसके पेट पर हाथ रखा है, इसलिए उसने कोई रियेक्ट नहीं किया और वो मेरे हाथ पर अपना हाथ रख कर सो गई।

कुछ देर बाद मुझमें थोड़ी हिम्मत आई और मैंने धीरे से हाथ को ऊपर कि तरफ बढ़ाया, तब भी किट्टू का कोई रिस्पांस नहीं था, क्यूँ कि उसे वापस नींद आ चुकी थी। तब मैंने थोड़ा दम लगा कर किट्टू हाथों से मेरा हाथ निकाला और हाथ को सीधे उसके बोबे पर रख दिया। किट्टू वापस जाग गई लेकिन उसे अभी भी यही लग रहा था कि मैं नींद मैं हूँ।

किट्टू ने करवट ले ली और मेरी तरफ पीठ करके सो गई, लेकिन करवट लेटे समय मैं भी अपना हाथ उसके साथ ही आगे बढ़ा दिया ताकि मेरा हाथ उसके बोबे से ना हटे। और किट्टू ने वापस अपना हाथ मेरे हाथ पर रख दिया।

अब मैंने कुछ देर इंतज़ार किया, क्यूँ कि मैं नहीं चाहता था कि मैं कोई जल्दबाज़ी करुँ और किट्टू को पता चल जाए कि मैं ये सब जान बुझ कर कर रहा हूँ। इसलिए कुछ देर मैंने इंतज़ार किया। कुछ देर के बाद किट्टू को खासी हुई जिससे उसने उसका हाथ मेरे हाथ से हटाया और खासी के साथ उसकी बॉडी भी हिली, उसी समय मैंने भी उसके बोबे पर थोड़ा सा दबाव डाल दिया जिससे उसे लगे कि उसके हिलने कि वजह से ये हुआ।

कुछ देर बाद मैंने खुद अपनी बॉडी को हिलाया जैसे नींद में हिलाते है, और हाथ भी हिलाया और उसके बूब्स को अच्छे से दबा दिया। जब किट्टू ने कोई आपत्ति नहीं दिखाई तो मैं हलके हलके हाथों से उसके बोबे को सहलाने लगा। और किट्टू कि नींद पूरी तरह से उड़ गई। उसने मेरा हाथ उसके बोबे से हटाना चाहा लेकिन मैंने जोर लगाकर हाथ हटने नहीं दिया। फिर उसने भी पता नहीं क्या सोचकर अपना हाथ वहां से हटा लिया और सो गई। मतलब मैं उसके बोबे को सहला रहा था उससे उसको कोई प्रॉब्लम नहीं थी, और या फिर वो नशे में थी इसलिए उसको समझ नहीं आ रहा कि क्या हो रहा है उसके साथ लेकिन जो भी हो मेरे लिए अच्छा ही हो गया।

मेरा सारा डर अब निकल गया और मैं किट्टू के एकदम पास खिसक के चिपक गया और उसके बोबे को अच्छे से दबाने और सहलाने लगा। जब देखा कि अब भी उसको प्रॉब्लम नहीं हो रही है तब मैंने अपना हाथ उसके टीशर्ट में डाल दिया और उसके बोबे को पकड़ लिया। ये पल मेरी ज़िन्दगी का सबसे हसीन पल था, जो में चाहता था वो आज मुझे मिल रहा था। मैं बहुत ही उत्तेजित हो रहा था, और मेरा लंड एक दम कड़क हो रहा था और किट्टू के पिछवाड़े पर दबा हुआ था।

मैंने किट्टू को अपनी आगोश में भर लिया और उसका सर ऊपर उठा कर दूसरा हाथ उसके सर के नीचे से आगे कि तरफ कर लिया और दोनों हाथ उसके टीशर्ट में डाल दिए और उसके दोनों बोबे मसलने लगा। मुझे कितना मजा आ रहा था वो मैं लफ़्ज़ों में बयान नहीं कर सकता, बस इतना बता सकता हूँ कि उसके बारे में लिखते हुए अभी भी मेरा लंड खड़ा हो चूका है।

मैं उसके बोबे दबाते दबाते उसको गले में चूम रहा था। और उसके पेट पर और जांघो पर भी बारी बारी हाथ फेर रहा था। फिर मैंने किट्टू का सर मेरी तरफ करके उसको लिपकिस्स करने कि कोशिश कि लेकिन वो मेरी तरफ पीठ करके लेटी थी इसलिए किस्स हो नहीं पा रही थी, तो मैंने उसको कंधे से पकड़ कर सीधा लेटने का इशारा किया। और वो सीधी होकर लेट गई, लेकिन उसकी आँखे अब भी बंद थी।

मैंने उसका टीशर्ट पूरा ऊपर कर दिया और उसके बोबे को देखने लगा। उसके बोबे बहुत ही ज्यादा कामुक हो रहे थे और उन पर भूरे रंग के निप्पल के तो क्या कहने, चार चाँद लगा रहे थे उसकी खूबसूरती पर।

उसके बोबे दबाते हुए मैंने उसे लिपकिस्स करना शुरू कर दिया। अपने होंठो में उसके होंठ लेकर चूसने लगा। लेकिन वो मुझसे छूटने कि कोशिश करने लगी और फिर से मेरी तरफ पीठ करके लेट गई। शायद उसको बुरा लग रहा होगा या फिर मेरे मुँह से दारू कि बदबू आ रही होंगी।

मैं उसकी पीठ से फिर से चिपक गया और उसके बोबे दबाने लगा और उसकी जांघो पर हाथ फेरने लगा। दोनों जांघो को बारी बारी से सहलाते हुए मेरा हाथ उसकी जांघो के बीच चला गया और मैं उसके शॉर्ट्स के ऊपर से ही उसकी चुत पर उंगलिया फेरने लगा। उसकी चुत में मानो कोई भट्टी लगी हुई हो इतनी गर्मी मुझे मेरी उंगलियों पर महसूस हो रही थी।

फिर मैंने मेरा हाथ उसके शॉर्ट्स के अंदर डाल दिया और उसकी पैंटी पर उंगलिया घुमाने लगा। उसकी पैंटी का कपड़ा बहुत पतला होने कि वजह से उसकी चुत को मैं काफी हद तक महसूस कर पा रहा था। जैसे ही मैं उसकी चुत पर उंगलिया फेरने लगा, वो सीधी होकर लेट गई। उसके ऐसा करने से मुझे लगा कि मानो वो मुझसे आगे बढ़ने को कह रही हो….।

मैंने उसके शॉर्ट्स से हाथ निकाल कर उसकी नाभि के नीचे वाले हिस्से पर रखा और धीरे धीरे उसकी पैंटी के अंदर धकेलने लगा। जैसे जैसे मेरा हाथ आगे बढ़ रहा था वैसे वैसे मेरी उत्तेजना और धड़कन दोनों बढ़ रही थी। और कुछ ही पल में मेरा हाथ किट्टू कि पैंटी के अंदर था और मैं किट्टू कि चुत को छू कर महसूस करने लगा। किट्टू कि चुत पर एक दम बारीक़ बारीक़ बाल थे, शायद उसने कुछ ही दिन पहले चुत से बाल साफ किये होंगे। 

मैं उसकी चुत को उंगलियों से सहलाने लगा और मुझे उसकी चुत में गीलापन महसूस हुआ, तब मुझे पता चला ki किट्टू भी इन पलों को एन्जॉय कर रही है लेकिन ऐसा खुल कर करने से गबरा रही है, क्यूँ कि मैं उसका बड़ा भाई हूँ।

मैं किट्टू कि चुत को सहलाने लग गया और मेरा लंड अब अपना आपा खोने लग गया, मानो मुझसे चीख चीख कर कह रहा हो कि मुझे किट्टू कि चुत में घुसा दे।

मैं भी सीधा होकर लेट गया और किट्टू भी सीधी लेटी हुई थी। मेरा हाथ अभी भी किट्टू कि पैंटी में था और चुत को सहलाने का मजा ले रहा था। मैंने किट्टू का हाथ पकड़ा और मेरी चड्डी में डाल दिया और मेरे लंड पर रख दिया। उसका काँपता हुआ हाथ मेरे लंड कि कठोरता को बढ़ाने का काम कर रहा था। उसने मेरे लंड को टटोलकर सीधा किया और उसे मुट्ठी में पकड़ लिया और वहीं रुक गई, मानो जैसे वो लंड कि लम्बाई और मोटाई का जायाज़ा ले रही हो। और फिर उसके लंड को ऊपर नीचे करके हिलाना शुरू किया।

हम दोनों एक दूसरे के अंगों को सहला रहे थे और दोनों कि आँखे बंद ही थी। किट्टू ने अब तक भी अपनी आँख एक बार भी नहीं खोली थी, क्यूँ कि उसे लग रहा था कि जो हो रहा है वो गलत हो रहा है, और अब मजा भी आ रहा है तो रुक भी नहीं सकते, इससे अच्छा है कि आँखें बंद करके मजे लो। उसको मेरा लंड पकड़ के अच्छा लग रहा था, शायद उसने पहली बार किसी मर्द का लंड अपने हाथ में लिया है।

मैं इतना उत्तेजित हो गया था कि मुझे लगा कि अब मेरा माल निकल जाएगा, इसलिए मैंने किट्टू का हाथ पकड़ लिया और मेरी चड्डी से बाहर निकाल दिया और उसने भी मेरा हाथ उसकी पैंटी से निकाल दिया और उठ कर बैठ गई और बाथरूम चली गई।

कुछ देर बाद बाथरूम से वापस आई और सो गई। फिर मैं भी उठा और बाथरूम गया और वापस आके अपनी जगह लेट गया, लेकिन इस बार मैं सीधा किट्टू से चिपक के ही लेटा। और वापस उसकी टीशर्ट में हाथ डाल दिया और उसके बोबे मसलने लगा। बोबे दबाते दबाते मैंने मेरा शॉर्ट्स जांघो तक खोल दिया और चड्डी समेत किट्टू के पिछवाड़े से सट कर लेट गया और उसकी गांड पर लंड दबाने लगा, और धीरे धीरे लंड को उसकी गांड पर रगड़ने लगा।

फिर से उसकी पैंटी में हाथ डाल के उसकी चुत को सहलाने लगा और सहलाते सहलाते ही उसकी पैंटी और शॉर्ट्स को एक साथ नीचे खिसकाने लगा, लेकिन वो उसके गांड के वहीं अटक गई। किट्टू ने अपनी कमर को थोड़ा ऊपर उठाया ताकि उसके कपडे आसानी से खुल जाए। और मैंने उसकी पैंटी और शॉर्ट्स को उसके घुटनो तक खोल दिया। 

मेरा लंड तो वैसे ही बेचैन हो रहा था किट्टू का नंगा बदन देखने के लिए, लेकिन अब तो किट्टू साक्षात मेरे सामने, मेरे बगल में नंगी लेटी हुई थी और उसको पता था कि अब वो चुदने वाली है, लेकिन उसके हाव भाव में ना कोई उत्तेजना दिख रही थी और ना कोई मनाही।

किट्टू को नंगी करने के बाद मैंने मेरी चड्डी भी घुटनो तक खोल दी और किट्टू कि गांड कि दरार पर लंड को घुमाने लगा और मेरे लंड के गीलेपन को उसकी गांड पर मलने लगा। फिर अपने लंड को हाथ से पकड़ कर उसकी चुत पर रगड़ने लगा। उसकी चुत का रस और मेरे लंड का रस आपस में मिलने लगे और किट्टू कि चुत को चिकनी करने लगे।

मेरा लंड किट्टू कि चुत का छेद ढूंढने लगा, और धीरे धीरे मैंने अपने लंड को किट्टू कि चुत के छेद में धकेला। जैसे ही लंड थोड़ा अंदर घुसा वैसे ही किट्टू के मुँह से आअह्ह्ह…. कि आवाज निकल गई। और किट्टू दर्द के मारे अपनी चुत को भीचने लगी। मैंने अपना लंड बाहर निकाला और वापस उसकी चुत पर फेरने लग गया और उसके बोबे दबाने लग गया जिससे उसे थोड़ा अच्छा फील हो और दर्द कम हो।

जब उसकी बॉडी नार्मल हुई तब मैंने फिर से लंड को धीरे धीरे उसकी चुत में घुसाना शुरू किया। उसे वापस दर्द हुआ, लेकिन पहले से थोड़ा कम। इसी तरह कुछ देर तक थोड़ा थोड़ा अंदर घुसाके निकाल लेता। अब उसे अंदर घुसाने, बाहर निकालने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ रहा था, इसलिए मैंने किट्टू कि गर्दन पकड़ी और एक हाथ से उसका एक बोबा पकड़ा और उसको पूरी तरह से जकड़ लिया और फिर जोर से उसकी चुत में लंड घुसाया, इस बार आधे से भी ज्यादा लंड उसकी चुत के अंदर घुस गया। और शॉट मारते ही मैंने उसके मुँह पर हाथ रख दिया ताकि उसके चिल्लाने कि तेज आवाज ना आए। और उसकी आवाज दब कर रह गई।

मेरा आधा लंड किट्टू कि चुत में घुस चूका था और किट्टू पूरी तरह से मेरी गिरफ्त में थी, और मैं इसी पोजीशन में रुक गया, क्यूँ कि दर्द के मारे किट्टू कि आँखों से आंसू आ गए थे। मैं वापस उसे नार्मल करने में लग गया। उसके बदन को उसके बोबे को उसके पेट को सहलाने लगा और उसके गालो और गले में चूमने लगा। जब मुझे लगा कि अब वो ठीक है तो मैं मेरे लंड को उसकी चुत में धकेलने लगा, धीरे धीरे अंदर बाहर करके अंदर घुसाने लग गया, और कुछ ही देर में मेरा पूरा लंड किट्टू कि चुत कि गहराईयों मैं उतर गया।

जब मेरा पूरा लंड किट्टू ने अपनी चुत में ले लिया तब मुझे ख्याल आया कि किट्टू वाकई में बड़ी हो गई है, मेरा इतना बड़ा लंड भी अपनी चुत में पूरा ले सकती है।

मैंने किट्टू को पूरी तरह से दबोच रखा था, और अब मैंने उसकी चुत में लंड को आगे पीछे करना शुरू किया। किट्टू को अब दर्द कम और मजा ज्यादा आ रहा था, उसकी सिसकारीयों से साफ पता चल रहा था। मुझे तो मेरी बहन कि चुत चोदने में बहुत मजा आ रहा था, मानो मेरी सालों कि मुराद पूरी हो रही थी। लेकिन किट्टू को भी मेरा लंड लेकर बहुत आनंद मिल रहा था। किट्टू कि जगह कोई और लड़की होती तो शायद मुझे इतना मजा नहीं आता।

मैं लगातार किट्टू कि चुदाई किये जा रहा था और साथ में उसके बोबे भी मसल रहा था। और अब तो मैं प्यार को पीछे छोड़ चूका था और मेरे अंदर का जानवर जाग उठा था और मैं चाह रहा था कि इसको बहुत दर्द दूँ। इसलिए मैं उसके बोबे बेरहमी से दबा रहा था, उसका गला दबा दबा के उसकी चुत में शॉट मार रहा था और पूरा जोर लगा कर उसको चोद रहा था। करीब 10 मिनट तक मैं उसकी चुत मारता रहा। फिर कुछ देर बाद मेरे लंड से तेज पिचकारी छूटी जो सीधे किट्टू कि चुत में उतर गई। मेरे झटके धीरे हो गए और हर झटके के साथ मेरे लंड से माल निकल रहा था। फिर मैं रुक गया और ऐसे ही लेटा रहा।

मेरा लंड अब ढीला पड़ने लगा और उसकी चुत से बाहर आ गया। और लंड के बाहर निकलने के साथ ही किट्टू कि चुत से मेरा माल बाहर आने लगा। किट्टू ने अपनी पैंटी पूरी खोल दी और उसी से अपनी चुत साफ करने लगी और शॉर्ट्स पहन कर उठ गई और बाथरूम चली गई। वहां चुत और पैंटी को धोकर वापस आई और सो गई। मेरी भी आँख लग गई और हम दोनों को नींद आ गई।

जब सुबह मेरी आँख खुली तो किट्टू मेरे घर से जा चुकी थी। और उस रात के बाद से किट्टू का मेरे लिए बर्ताव ही बदल गया। वो अब मुझसे कम ही बात करती और पहले जैसा भाई – बहन का रिश्ता या वो बॉन्डिंग नहीं रही, कहीं ना कहीं उसे ये बात परेशान कर रही है कि वो अपने भाई से ही चुद गई….।

धन्यवाद….।

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3 thoughts on “मामा की बेटी किट्टू

  1. Nice Story,
    मैंने भी एक बार मेरी बड़ी बहन को नंगी देख लिया था, तब से मुझे भी उनकी चूत चोदने का बहुत मन करता हैं।

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