इंटर्न कजिन बहन को चोदा
हेलो दोस्तों,
मेरा नाम आर्यन हैं और मेरी उम्र 27 साल हैं, और में दिल्ली लक्ष्मी नगर का रहने वाला हूँ, और मेरा छोटा सा व्यवसाय हैं नोएडा में, और इस वेबसाइट Hot Sex Story का नियमित पाठक हूँ, मैंने इस वेबसाइट की काफी सारी sex story पढ़ी हैं, और उन्हें पढ़कर मेरा भी मन हुआ कि अपना वास्तविक जीवन अनुभव आप लोगों के साथ साझा करूँ.
तो चलिए अब कहानी पर आते हैं, ये बात हैं मेरी बुआ की लड़की की हैं जिसका नाम सुची हैं, रंग गोरा, ऊँचाई 5.5 इंच, Hot & Sexy लड़की हैं, में उससे सिर्फ 3-4 बार मिला हूँ क्योंकि वो गाज़ियाबाद में रहती हैं Lal Quan के पास तो वहाँ जाना नहीं होता, और उसने भी कॉलेज किया हैं तो वो इंटर्नशिप की कोशिश कर रही थी, और ऐसे ही बुआ की जब मम्मी से बात हुई तो उन्होंने मम्मी को बताया कि सुची इंटर्नशिप खोज कर रही हैं लेकिन कहीं मिल नहीं रही हैं, तो मम्मी ने कहाँ कि आर्यन का ऑफिस हैं नोएडा में अगर सुची को सही लगे तो वहाँ कर सकती हैं.
तो बुआ ने कहाँ ये तो और ज्यादा सही रहेगा, आप आर्यन से पूछ कर मुझे बता देना फिर में सुची को भेज दूँगी, तो मम्मी ने मुझे शाम में इस बारे में बताया, पहले तो मेरा मन नहीं था सुची को ऑफिस में रखने का क्योंकि में व्यवसाय को रिश्ते से थोड़ा दूर रखना पसंद करता हूँ. लेकिन बात सुची की थी जो हद से ज्यादा खूबसूरत थी , और कहीं ना कहीं में उससे काफी ज्यादा आकर्षित भी था.
लेकिन वो मेरी बहन थी तो उससे आगे बातें बढ़ाना काफी मुश्किल था. लेकिन फिर मैंने सोचा कि अगर सुची मेरे साथ काम करेगी तो मेरे पास पूरा समय रहेगा उसके करीब आने का. और मैंने उसके लिए हाँ कर दिया. और सुची ने मेरा ऑफिस ज्वाइन कर लिया.
और करीब 10-15 दिन तो सब सामान्य ही चलता रहा क्योंकि शुरुआत में ही में कुछ गलती नहीं करना चाहता था, और काम की ही बात किया करता था, तो एक दिन सुची ने मुझसे कहाँ भैया आपको ऑफिस में हँसने या मज़ाक करने के लिए किसी ने मना किया हैं क्या? , आप यहाँ बिल्कुल गंभीर रहते हो. तो मैंने कहाँ कि ऑफिस कि बन्दों से ज्यादा हँसी मज़ाक करूँगा तो कोई काम नहीं करेगा , तो उसने बोला भैया ऐसा कुछ नहीं हैं.
अगर आप कर्मचारी के साथ दोस्ताना रहते हो और उनके बारे में सोचते हो तो कर्मचारी और ज्यादा अच्छा काम करते हैं, तो मैंने कहाँ चल ठीक हैं कोशिश करूँगा. तो उसने कहाँ चलो वो तो कर्मचारी हैं लेकिन में तो आपकी बहन हूँ आप तो मेरे सामने भी गंभीर रहते हो, तो मैंने उससे कहाँ यही तो बात हैं तू मेरी बहन हैं इसलिए तेरे सामने हँसी मज़ाक और मस्ती नहीं कर सकता .
तो उसने कहाँ बहन ही भाई की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं लेकिन आप तो मुझे कुछ मानते ही नहीं हो, तो मैंने कहाँ यार ऐसी बात नहीं हैं, में इसलिए नहीं कहता कुछ कहीं तुझे बुरा ना लग जाए किसी बात का और रिश्ते खराब हो हमारे.
तो सुची ने कहाँ भैया आपकी बातों का मुझे कभी बुरा नहीं लगेगा और आप मुझे अपनी सबसे अच्छा दोस्त की तरह व्यवहार कर सकते हो. तो मैंने इसी बात पर मज़ाक में कहाँ लेकिन तूने तो देखा ही होगा रील्स में बेस्ट फ्रेंड्स कि बीच में गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड से ज्यादा वाले रिश्ते होते हैं और हँसने लगा.
इसी बात पर सुची भी हँस पड़ी और कहने लगी भैया वो तो दोस्त वाले बेस्ट फ्रंड होते हैं, हम भाई बहन वाले हैं, तो मैंने कहाँ यार मज़ाक कर रहा था बुरा मत मानियो, तो उसने कहाँ भैया इसमें बुरा मानने वाली बात ही नहीं लगी मुझे और जब आपको दोस्त बनाया हैं तो मज़ाक तो चलता ही हैं.
फिर हम दोनों में ऐसे ही सामान्य हँसी मज़ाक होने लगा. और हम बीच बीच में ऑफिस टीम के साथ पार्टी भी करने लगे. एक बार टीम माँग पर हमने ड्रिंक पार्टी भी रखी, और सबने ड्रिंक पी थी, तो सुची ने मुझसे कहाँ भैया में भी पी लूँ क्या, तो मैंने कहाँ यार अगर तुझे नशा हो गया और घर वालों को पता चल गया तो बुआ मुझे डाँटेगी, तो उसने कहाँ भैया में थोड़ी सी ही पियूँगी. तो मैंने भी हाँ कर दिया.
और सुची ने काफी ज्यादा ड्रिंक कर ली, जिसकी वजह से उसे काफी नशा भी हो गया था, और पार्टी करीब 4 बजे खत्म हो गई थी, और सब लोग अपने घर जा चुके थे, अब ऑफिस में सिर्फ सुची और मैं था, लेकिन सुची को इस हाल में अगर में घर भेज देता तो काफी ड्रामा हो जाता. तो मैंने सुची का नशा उतरने का इंतज़ार करना ही सही समझा. और सुची वही ऑफिस में लगे सोफे पर लेट गई , मैंने सुची को नींबू पानी भी बनाकर दिया और उसका नशा उतरने के लिए काफी प्रयास लगाए और करीब 8:30 बजे तक सुची का काफी हद तक नशा उतर गया था, तो मैंने सुची से कहाँ कि तू बुआ को कॉल करके कह दे कि पार्टी हैं तो थोड़ा देर हो जाएगी आने में, और भैया छोड़ देंगे तुझे.
तो सुची ने ऐसा ही करा और घर पर बोल दिया कि आने में देर हो जाएगा. तो बुआ ने कहाँ कि अगर ज्यादा देर हो जाए तो भैया के साथ ही घर चली जाइयो. तो उसने हाँ बोल दिया. जब इस बात की तो तनाव खत्म हो गई थी, फिर भी हमने करीब 11 बजे तक इंतज़ार किया और सुची का नशा अब बहुत कम हो गया था. तो मैंने सुची से कहाँ चलो में तुम्हें घर ड्रॉप कर देता हूँ तो सुची ने कहाँ भैया में आपके घर ही चलती हूँ. अगर मम्मी को जरा सा भी शक हुआ तो समस्या हो जाएगी.
फिर सुची और मैं घर चले गए। मैंने सुची को गेस्ट रूम में सोने को कहा और खुद भी अपने कमरे में जाकर सो गया। सुबह उठकर हम ऑफिस आ गए। ऑफिस में 11 बजे सुची मेरे कैबिन में आई और बोली: “भैया, मेरा काम करने का मन नहीं कर रहा, मैं आपके पास बैठ जाऊँ?” मैंने कहा: “इसमें पूछने वाली क्या बात है? बैठ जा!”
हम बात करने लगे। सुची ने धन्यवाद कहा, तो मैंने पूछा: “किसलिए?” उसने जवाब दिया: “कल का… आपने मेरा इतना ख्याल रखा।” मैंने मुस्कुराकर कहा: “कोई बात नहीं।”
सुची ने कहा: “भैया, आप मेरे सच्चे दोस्त हैं… उससे भी ज़्यादा पक्के!” मैंने फिर धन्यवाद दिया। तभी सुची ने कहा: “खड़े हो जाइए!” मैं खड़ा हो गया। वह मेरे पास आई और मुझे गले लगा लिया। उसके बूब्स जब मेरी छाती से लगे, तो मुझे बहुत मज़ा आया। मैंने भी उसे कसकर गले लगाया और उसके गाल पर चुंबन दे दिया। सुची ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, बस मुस्कुरा दी।
फिर सुची बोली कि भैया चलो आज फिल्म देखने चलते हैं. तो मैंने भी हाँ कर दी और हम फिल्म देखने शिप्रा मॉल चले गए, और फिल्म देखने लगे, theature में काफी सारे कपल्स थे जो रोमांस कर रहे थे, मेरी नजर बार बार उनपर जा रही थी, और सुची मुझे ध्यान देना कर रही थी. तभी सुची ने मुझसे कहाँ भैया ऐसे प्रेमी जोड़ो को नहीं देखते , तो मैंने कहाँ यार देखने वाला सीन हैं तो देखूंगा. तू भी देख ले, तो सुची ने कहाँ भैया ज्यादा देखने से फीलिंग्स आ जाती हैं.
तो मेने कहा अच्छी बात हे ये तो , तो सूचि ने कहा अच्छी नहीं गलत बात हे , वो तो कपल्स हैं लेकिन हम तो भाई बहन हैं, तो हमें तो फीलिंग्स मारनी पड़ेगी पड़ेगी अपनी. तो मैंने कहाँ तब तक दोस्त ही बन लेंगे तो उसने कहाँ अच्छा जी. मैंने कहाँ और क्या. सुची ने कहाँ जैसा मेरा भैया को ठीक लगे. और मेरे कंधे पर सर रखकर लेट गई.
और फिर थोड़ी देर बाद मैंने सुची के बाल में हाथ घूमना शुरू करना कर दिया, तो सुची ने कहाँ भैया अच्छा लग रहा हैं ऐसे ही करते रहो . और मैंने ठीक है कहाँ और जारी रखा. फिर थोड़ी देर बाद मैंने सुची के सर पर किश कर दी. सुची ने कुछ भी नहीं कहाँ. फीलिंग्स तो मुझे बहुत ज्यादा आ रही थी मन तो कर रहा था आज इसे चोद दू लेकिन खुद पर नियंत्रण किया.
फिर सुची के माथे पर हाथ फेराया तो सुची ने नजर उठाकर मेरी तरफ देखा और मुस्कान दी और मैंने भी मुस्कान देकर कहाँ मेरा प्यारा बच्चा और माथे पर किश कर दी. तभी सुची ने कहाँ भैया आप धीरे धीरे करके 1-1 कदम आगे बड्ड रहे हो, इरादा क्या हैं, पहले गाल पर किश, फिर सर पर , फिर माथा. और हँस दी. मैंने कहाँ भाई बहन में तो ये चलता हैं पागल. तो उसने कहाँ तो मैंने मना थोड़ी किया, बस ये देख रही हूँ अब इसके बाद कहाँ का नंबर आएगा
तो मैंने कहाँ अब आँखें का नंबर आएगा तो सुची ने कहाँ फिर वहाँ भी कर ही लो आप और हँसने लगी. तो मैंने उसकी आँखें पर किश कर दी. सुची ने बोला अब कहाँ का नंबर हैं, तो मैंने कहाँ अब समझ नहीं आ रहा, अगर तू मेरी gf होती तो सोचता भी लेकिन बहन हैं ना, तो सुची ने कहाँ कि आप ना बहन सोचो ना gf , दोस्त तो हैं ही हम . तो मैंने कहाँ सही बात हे और सुची कि होंठ पर किश कर दी.
तो सुची ने बड़ी आँखें करके मेरी तरफ देखा और कहाँ भैया दोस्त को होंठ पर किश थोड़ी करते हैं, तो मैंने कहाँ दोस्त में तो बहुत कुछ होता हैं पागल , और वैसे भी होंठ पर टच ही तो किया हैं अगर gf होती तो स्मूच कर लेता. तो सुची ने कहाँ जब किश कर दी हैं तो स्मूच में भी क्या फर्क रह गया. मैंने कहाँ अच्छा जी. तो फिर स्मूच ही कर लेता हूँ. बस इतना बोलते ही में सुची को स्मूच करने लग गया और सुची ने तुरंत मेरा साथ देना शुरू करना कर दिया.
और जब हम अलग हुए तो मैंने सुची से कहाँ कि हम भाई बहन हैं, और मैंने तुझे स्मूच करि और तूने कोई ऑब्जेक्शन भी नहीं किया, ऐसा क्यों?? , तो सुची ने कहाँ भैया यहाँ का सीन देखकर मुझे फीलिंग्स आ रही थी काफी देर से, अगर आप मेरे bf होते तो में खुद ही स्मूच कर देती , लेकिन आप भाई हो इसलिए सोचा कि अगर पहले आप कुछ करोगे तो ज्यादा सही रहेगा, और जब अपने किया तो इतनी पागल थोड़ी हूँ जो फीलिंग्स पर ओवर कण्ट्रोल करूँ.
तो मैंने कहाँ सिर्फ किश तक ही फीलिंग्स आ रही हैं तुझे या उससे आगे की भी, तो सुची ने कहाँ भैया वो तो उसी समय पर पता चलेगा ना कि मन कहाँ तक करता हैं. तो मैंने कहाँ चल फिर शुरू करते हैं, और फिर स्मूच करने लगे और में सुची कि बूब्स दबा रहा था, और सुची भी पूरी फीलिंग्स में थी और फिर मैंने अपना हाथ सुची कि टॉप के अंदर डाल कर बूब्स दबाने लगा. और थिएटर में मैंने सुची को खूब स्मूच एंड बूब्स दबाये , इससे ज्यादा कुछ करना वहाँ ठीक नहीं लगा मुझे. तो मैंने सुची से कहाँ यार सुची बाकी ऑफिस चल कर करते हैं. तो उसने हाँ बोला.
और हम ऑफिस आ गए, ऑफिस के सभी लोग 6:30 बजे छुट्टी होने पर चले गए और सबके जाते ही मैंने ऑफिस अंदर से बंद किया और हम किश करने लगे और में सुची कि बूब्स दबाने लगे और फिर मैंने सुची का टॉप उतर दिया और किश करने लगा, सुची ने भी मेरी कमीज़ उतरी और सैंडो भी उतर दी और मेरी छाती चाटने लगी. जिसकी वजह से मुझे और ज्यादा फीलिंग्स आने लगी. और में मदहोश होने लगा और सुची का मुँह अपनी शरीर पर दबाने लगा और धीरे धीरे निचे करने लगा लण्ड के पास तक, और सुची चाटते हुए मेरे पेट तक पहुंच गई, और चाटने लगी , फिर मैंने सुची का मुँह और निचे करने के लिए सर दबाया तो सुची समझ गई मैं क्या चाहता हूँ, और सुची ने मेरी जींस का बटन खोला और पेण्ट निचे कर दी और अंडरवियर भी निचे कर दिया. और मेरी तरफ देखकर बोली भैया क्या चाहते हो अब.

तो मैंने कहाँ इतनी तो समझदार हैं ही तू, और समझ भी चुकी हैं में क्या चाहता हूँ, तो सुची ने कहाँ भैया मुझे थोड़ा अजीब लग रहा हैं, तो मैंने कहाँ ज्यादा सोच मत कर ले , अच्छा लगेगा, और फिर सुची ने मेरा लण्ड हाथ में लिया और डायरेक्ट मुँह में डाल लिया , तभी मैंने सुची के बाल पकडे और सुची कि मुँह की चुदाई करने लगा. और आउट ऑफ़ कण्ट्रोल होने लगा , और ऐसा लग रहा था जैसा मेरे अंदर कोई जानवर आ गया हो, मैंने सुची को सोफे पर पटका और जल्दी से उसकी जींस एंड पेंटी उतारकर फेक दी और उसकी चूत को जंगली की तरह चाटने लगा, मुझे खुद पर यकीन ही नहीं हो रहा था कि, इतनी सूंदर , हॉट लड़की जो की मेरी बहन लगती हैं आज में उसकी चूत चाट रहा हूँ, और जिस अंदाज़ से मैंने सुची की चूत चाटी सुची भी समझो सेक्स में डूब गई थी, और तभी सुची ने बोला , भाई अब लण्ड डाल दो , तभी मैंने लण्ड को सुची की चूत पर सेट किया और सुची को तेज़ झटको के साथ चोदना शुरू किया और कुछ देर की चुदाई के बाद में झड़ने वाला हुआ और पूरा माल सुची कि पेट पर गिरा दिया और सुची के ऊपर ही लेट गया.
थोड़ी देर लेटने के बाद सुची ने कहाँ भैया कसम से आज आत्मा खुश हो गई मेरी, आपको देखकर ऐसा लग रहा था जैसे की आपके अंदर कोई जानवर आ गया हो, तो मैंने कहाँ यार जब किसी लोग कि सामने इतनी हॉट और सूंदर लड़की हो तो लड़का तो जानवर बन ही जाएगा. फिर थोड़ी देर बाद आराम करने के बाद हमने फिर जबरदस्त चुदाई करि और उसके बाद मैंने सुची को घर ड्रॉप कर दिया. अब रोज हम ऑफिस की छुट्टी होने के बाद चुदाई का मजा लेते हैं और उसके बाद घर चले जाते हैं.
दोस्तों आपको मेरी कहानी कैसी लगी, कृपया कमेंट करके जरूर बताये.
Awesome story he yaar apki, me bhi soch rhi hu apke kisi cousin brother me yaha job karu aur ye wala maza lu
Aap mujhe apna cousin bana lo aur mere yaha job kar lo
Meri cousin sister bhut hot h mai bhi uski chudayi krna chahta hu….22 years Old
Aryan, apni cousin se meri baat karwa do, dono milkar chodenge
Yashika…mai help kru