कॉलेज वाली प्रेमिका कि होटल में सील तोड़ चुदाई
देसी गर्लफ्रेंड चुदाई कहानी मेरे साथ पढ़ने वाली मेरी गर्लफ्रेंड के साथ उसके पहले सेक्स की है. उसके साथ में दो साल से रिलेशन में साथ रहने के बाद एक दिन दोनों ने सेक्स किया.
दोस्तो, मेरा नाम अर्जुन सिंह है. मैं जयपुर राजस्थान का रहने वाला हूँ.
मैं दिखने में थोड़ा साधारण हूँ. मेरी हाइट और वजन एक औसत युवा की तरह हैं. मेरा लंड 6 इंच लंबा और 3 इंच चौड़ा है.
आज मैं आपके साथ अपनी एक सच्ची देसी गर्लफ्रेंड चुदाई कहानी शेयर कर रहा हूँ जो मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड की है.
ये मेरी दूसरी सेक्स स्टोरी है.
मैं पिछले छह सालों से रोज़ सेक्स कहानियां पढ़कर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स के नए-नए तरीके आज़माता हूँ.
मेरी गर्लफ्रेंड का नाम अवनी है. उसका फिगर 30-28-34 का है और वह एक बहुत खूबसूरत लड़की है.
हम दोनों लगभग दो साल से रिलेशन में थे. स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई हमने साथ-साथ की थी.
उसने ही सबसे पहले मुझसे प्यार का इज़हार किया था जिसे मैंने स्वीकार कर लिया था और हम दोनों का प्यार शुरू हो गया था.
फिर कॉलेज के दिनों में अवनी किसी दूसरे कॉलेज में चली गई थी और मैं अकेला हो गया था. उसके बिना समय निकालना मुझसे बड़ा मुश्किल हो रहा था.
मैंने बिना अवनी को बताए शहर की एक दूसरी लड़की से दोस्ती कर ली थी और उसके साथ सेक्स का मजा लेने लगा था. हालांकि वह लड़की पहले भी चुद चुकी थी तो उसके साथ प्यार जैसा कोई मसला नहीं था.
दोस्तो, सेक्स की भी एक उम्र होती है, शायद यही सोचकर मैंने ऐसा किया था.
मेरा स्टैमिना भी काफी अच्छा है
वह मेरी चुदाई की स्टैमिना से काफी खुश थी और हम दोनों एक दूसरे से शारीरिक सुख की चाहत में ही जुड़ गए थे.
मुझे भी उसकी लेने में मजा आने लगा था क्योंकि मुझे मुठ मारने से तो चुत चोदना ज्यादा ठीक लगा था.
फिर एक दिन अवनी मुझसे मिलने आई
उस दिन हम दोनों बाहर घूमने गए थे.
अवनी ने कहा- आज हम कहीं अकेले में बैठकर बातें करेंगे, जहां हमें कोई डिस्टर्ब न करे.
मैंने पूछा- आज तुम ऐसा क्यों बोल रही हो? वह बोली- मेरा भाई आज घर पर नहीं है. मुझे लेट होने पर कोई सवाल नहीं करेगा. मैं मम्मी को बोल दूँगी कि मैं अपनी किसी फ्रेंड की जन्मदिन पार्टी में हूँ, तो घर आने में थोड़ा टाइम लगेगा.
मेरे मन में भी सवाल उठने लगे कि क्या आज मुझे एक वर्जिन लड़की के साथ सेक्स करने का मौका मिलेगा!
तभी उसकी एक फ्रेंड का कॉल आ गया. अवनी अपनी फ्रेंड से सारी बातें शेयर करती थी.
उसने अपनी फ्रेंड को हमारी मिलने की बात बता दी और कहा- अगर मम्मी पूछे तो बोल देना कि मैं आज तुम्हारे साथ हूँ.
अब हम दोनों ने एक होटल में कमरा बुक किया. उस होटल में गए तो एक वेटर हमें रूम तक छोड़ने आया और पानी की बोतल भी साथ लाया.
उसने कहा- सर, कुछ चाहिए तो एक रिंग कर देना, मैं सुविधा उपलब्ध करवा दूँगा.
वह शायद बियर या सिगरेट आदि की तरफ इशारा कर रहा था. मैंने ओके कह कर उसे जाने को कह दिया.
अब दरवाजा बंद करके मैं और अवनी बिस्तर पर बैठ कर कुछ मिनट तक बातें करते रहे. फिर मैंने अवनी को लिप-किस करना शुरू किया.
पहले उसने मुझे पीछे धकेल दिया लेकिन जब मैंने दोबारा कोशिश की तो उसे भी मज़ा आने लगा.
इसे भी पढ़े – इंस्टाग्राम से पटाई लड़की के बीच चुदाई
वह आई ही चुदाई के लिए थी तो कब तक नखरे दिखाती. हम 20 मिनट तक एक-दूसरे को किस करते रहे.
फिर मैंने धीरे-धीरे उसके कपड़े उतार दिए और उसे सिर्फ़ पैंटी में छोड़ दिया.
उसने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझे पूरा नंगा कर दिया.
उसके गोरे बदन को देखकर मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था. वह मेरे लंड को बड़े गौर से देख रही थी.
मैं एक हाथ से उसके बूब्स मसल रहा था और दूसरे बूब्स को किस कर रहा था. वह धीरे-धीरे मदभरी सिसकारियां ले रही थी.
मैं उसके पूरे शरीर पर किस करता हुआ उसकी पैंटी के पास पहुंच गया. वहां से बहुत अच्छी खुशबू आ रही थी.
मैंने उसकी पैंटी पर एक प्यारा सा किस किया तो वह सिहर उठी और उसने मेरे सर को अपनी चुत से हटा दिया.
उसके बाद मैंने वापस किस करना शुरू किया और धीरे-धीरे करके अवनी की पैंटी भी उतार दी. उसकी चिकनी, गुलाबी चूत मेरी आंखों के सामने थी.
मैंने बिना देर किए उसकी चूत पर किस करना शुरू कर अवनी चुदाई के लिए बिना पानी की मछली की तरह तड़पने लगी.
लगभग 20 मिनट तक मैं उसकी चूत चाटता रहा. इस दौरान वह एक बार झड़ चुकी थी और मैंने उसकी चूत का नमकीन पानी पूरा पी लिया था.
अब उसकी शर्म खत्म हो गई थी और वह अपनी दोनों टांगें खोल कर मेरे सामने चित पड़ी हुई थी और अपनी चुत सहलाती हुई मुझे देख रही थी.
उसकी नशीली आंखों को देख कर मुझसे रहा न गया और मैं खड़ा हो गया. वह मेरे मोटे लंबे लंड को अपनी मस्त निगाहों से देखने लगी.
जैसे ही उसने अपनी जीभ को होंठों पर फेरा तो मैं अपना लंड उसके मुँह के सामने ले गया. मैंने उसे मुँह में लेने को कहा. लेकिन उसने मना कर दिया.
मैंने बहुत कोशिश की, तब जाकर उसने मेरे लंड को अपने मुँह में लिया. जैसे ही उसने मुँह में लिया, मैंने एक झटके में पूरा लंड उसके मुँह में डाल दिया.
उसकी आंखें मानो बाहर आ गईं.
फिर कुछ मिनट तक मैं उसके मुँह को चोदता रहा. जब मेरा होने वाला था, मैंने बिना कुछ पूछे सारा पानी उसके मुँह में निकाल दिया और पीछे से उसका सिर जोर से पकड़ लिया ताकि पानी बाहर न आए!
वह जबरन मेरे रस को पी गई. फिर 5 मिनट आराम करने के बाद मैंने उसे वापस किस करके गर्म करना शुरू किया.
उसने मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत पर रगड़ने लगी. वह बोली- अर्जुन, अब डाल भी दो यार … फाड़ दो मेरी चूत को … ये मुझे बहुत परेशान करती है. जब मैं तुमसे रोज़ कॉल पर बात करती हूँ, तो ये मुझसे उंगली करवा कर ही मानती है!
मैंने देर न करते हुए अपने लंड पर थूक लगाया और उसकी चूत पर सैट करने की कोशिश की.
पहली बार में लंड फिसल गया लेकिन दूसरी बार मैंने अपने लंड और उसकी चूत पर तेल लगाया.
फिर मैंने अवनी को किस करना शुरू किया. क्योंकि ये उसका पहली बार का मामला था और मैं नहीं चाहता था कि उसकी आवाज़ बाहर जाए.
मैंने धीरे से लंड उसकी चूत पर सैट किया और एक जोरदार झटके के साथ उसकी चूत को चीरता हुआ मेरा लंड अन्दर समा गया.
वो जोर से चिल्ला दीं … पर उसकी आंखें अभी तक बंद थीं.आहह हऊ हह ऊईईई ऊईई मां बचाओ … मर गई … मेरी चूत फट गई … मां बचाओ … अर्जुन निकाल लंड.”
इसे भी पढ़े – 18 साल की कुंवारी लड़की की जबरदस्त चुदाई
इसे भी पढ़े – भाई बहन ने एक दुसरे से फ़ोन पर सेक्स किया
वह तड़पने लगी और उसकी आंखों में आंसू आ गए.
मैंने उसे फिर से किस करना शुरू किया.
जैसे-जैसे उसका दर्द कम हुआ, उसने अपनी गांड उठाकर इशारा किया. फिर मैं कहां रुकने वाला था.
मैंने एक और धक्का देकर अपना लंड अवनी की चूत में पेल दिया. लंड चुत को फाड़ता हुआ अन्दर तक चला गया.
अब उस की आंखों से पानी आने लगा था. उसने मेरी कमर को कस कर पकड़ लिया.
अवनी ‘ऊई … मां … मर गई … आह सी … सी …’ करके आहें भरने लगीं. अब मैंने उसे रिलैक्स होने दिया.
मैं रुक गया और धीरे धीरे उसकी चूचियों को मसलने लगा और चूमने लगा.
फिर उसके चूचों को पीने लगा.
थोड़ी देर बाद उसकी चूत का दर्द कम हुआ तो मैंने लंड को चलाना शुरू कर दिया.
अवनी ‘आह हह अहहह हहह …’ की आवाज करके लंड लेने लगीं.
मेरा लंड अन्दर बाहर अन्दर बाहर हो रहा था. उसका बदन पूरा का पूरा हिल रहा था.
तभी मुझे उसकी चूत की गर्मी का अहसास होने लगा था. उसकी चूत काफी कसी हुई थी. मैं अब अपनी स्पीड बढ़ाए जा रहा था. अवनी ‘आह आह आह …’ कर रही थीं.
तभी अवनी की जोर की सिसकारी निकली- आहह हहहह ऊईईई ईईईई मर गई ऊईई.
मैंने झटकों की रफ़्तार फुल स्पीड में कर दी और तेज़ी से चोदने लगा.
अब उसकी चीख सिसकारियों में बदल गई, उसे भी मज़ा आने लगा. गपागप गपागप चुदाई चलने लगी.
अवनी- आहह हहह ऊईई ईईई ऊईई मां … मर गई अर्जुन प्लीज धीरे धीरे करो.
मगर मैंने झटकों की रफ़्तार तेज ही रखी और उसकी कमर पकड़ कर तेज़ी से चोदने लगा.
‘आहह हहह ऊईईई ईई आहह ऊईईई …’ और ‘थपथप थपथप …’ की आवाज से पूरा कमरा गूंजने लगा.
मैंने अलग-अलग पोजीशन में पूरे एक घंटा तक उसे चोदा. इस दौरान अवनी दो बार झड़ चुकी थी.
थोड़ी देर बाद मेरा होने वाला था. मैंने पूछा- कहां निकालूँ, अवनी? वह बोली- मेरी जान, मेरी चूत में ही निकाल दो! मैं तुम्हारा पानी अपनी चूत में लेना चाहती हूँ.
मैंने दो-चार लंबे झटकों के साथ उसकी चूत में अपना पानी निकाल दिया और उसके ऊपर ढेर हो गया.
थोड़ी देर बाद जब मैंने अपने लंड को उसकी चूत से निकाला तो मेरा लंड खू.न से भरा हुआ था. ये देखकर अवनी बिना कुछ सोचे-समझे मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर साफ करने लगी.
हम दोनों बाथरूम में गए और शॉवर चालू किया. मैंने उसकी चूत को अच्छे से साफ किया.
उसे ठीक से चला भी नहीं जा रहा था तो मैंने उसे उठाकर बेड पर लाकर सुला दिया.
एक घंटे तक हम बिना कपड़ों के एक-दूसरे को खुशी से निहारते रहे.
उसके बाद हम दोनों ने एक बार और सेक्स किया और अब वह मुझसे चुदने के लिए जब तब मिलती रहती है.
आपको मेरी कहानी कैसी लगी? कमेंट में ज़रूर बताएँ या मुझे मेल करें। कोई भी भाभी या लड़की जो अकेली हो जयपुर में चुदाई कि इच्छुक हो मुझे मेल कर सकती हैं गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। [email protected]।