छोटी बहन जीना कि रात भर चुदाई
हैल्लो फ्रेंड्स,
आज मैं आपको मेरे जीवन कि एक सच्ची घटना के बारे मे बताने जा रहा हूँ | ये कहानी मेरी और मेरे मामा कि लड़की जीना कि है |
जीना एक शादीशुदा लड़की है और मुझसे 2 साल छोटी है | जीना और मैं साथ-साथ ही बड़े हुए है, पूरा बचपन हमने साथ बिताया है |
जीना का रंग एक दम गौरा है, बदन भरा – भरा ग़दराया हुआ है, 34 के बूब्स, 30 कि कमर और 38 कि गांड | हाइट लगभग 5 फीट होंगी | ज्यादातर साड़ी ही पहनती है | साड़ी मे बला कि खूबसूरत लगती है |
शादी वाले दिन स्वर्ग कि अप्सरा लग रही थी | उस दिन पहली बार जीना के बारे मे मेरे दिमाग़ मे गंदे ख्याल आए थे | मैं भी सोच रहा था कि जीना का पति कितना भाग्यशाली होगा जो उसको ऐसी खूबसूरत पत्नी मिलने वाली है | ये तो जीना को बिलकुल भी नहीं बक्शेगा, रोज उसको नंगी करके उसकी चुदाई करेगा |
खैर, मैं कहानी पर आता हूँ
एक रोज जीना ने मेरी मम्मी को कॉल किया और कहा कि भैया को मेरे घर भेज दो, मेरे घर कोई है नहीं सब शादी मे गए हुए है, मेरी थोड़ी तबियत ख़राब है तो इन्होने (पति ने ) कहा है कि घर से किसी को बुला लेना |
फिर मम्मी ने मुझे बताया कि तू आज जीना के घर चला जा, वो रात को अकेली है, उसके घर वाले सब शादी मे गए है, कल शाम को आएँगे | वो अकेली है, रात मैं अकेले सोने से डरती है इसलिए तू चला जा |
मैं मन ही मन खुश होने लगा | और उसको चोदने कि प्लानिंग करने लगा | और कुछ देर मे मैं तैयार होके उसके घर के लिए रवाना हो गया | रास्ते मे सोच रहा था कि कंडोम भी ले लूँ | फिर याद आया कि जीना शादीशुदा है, अगर प्रग्नेंट भी हो जाए तो कोई दिक्कत नहीं है |
शाम कि 7 बजे मैं जीना के घर पहुंच गया |
जीना और मैं बैठ कर बातें करने लगे | जीना से मैंने उसकी तबियत के बारे मे पूछा तो वो बोली कि थकान हो रही थी, और जाने का मन भी नहीं था इसलिए यहीं रुक गई |
ऐसे ही हम बातें करते रहे और फिर जीना खाना बनाने चली गई, और मैं हॉल मे बैठ कर टीवी देखने लगा | कुछ देर बाद करीब 9.30 बजे जीना खाना बना के ले आई | हम दोनों ने टीवी देखते देखते खाना खाया, और जीना फिर से रसोई मे चली गई, और झूठे बर्तन मांझने लगी |
रसोई का काम निपटा कर जीना वापस हॉल मे आई तब तक, 10.15 बज चुके थे | मैं टीवी देख रहा था और जीना फ़ोन चला रही थी, और उसके पति से भी बात कर रही थी | पति को सारा अपडेट दे दिया कि भैया आ गए थे हम लोगो ने खाना खा लिया है | भैया टीवी देख रहे है और मैं आपसे बात कर रही हूं |
उन दोनों कि बात ख़त्म हुई और जीना बोली कि तू पापा के रूम मे सो जाना आराम से | और कुछ चाहिए हो तो मुझे उठा देना | मैं सोने जा रही हूँ |
करीब 11 बजे जीना उसके कमरे मे सोने चली गई और कुछ देर बाद मैं भी टीवी बंद करके उसके ससुर जी के रूम मे सोने चला गया |
मैं रूम मे जाके लेट गया और फ़ोन चलाने लगा | मेरे दिमाग़ मे यही चल रहा था कि आज ही का दिन है, आज मौका है, लेकिन जीना को बोलू कैसे, कि मुझे उसको चौदना है |
मैं मेरे फ़ोन मे पोर्न देखने लगा जिससे मेरी हवस को और ज्यादा हवा लग गई | और गर्मी का मौसम था इसलिए मुझे गर्मी भी लग रही थी | तब मेरा दिमाग़ चला और मुझे याद आया कि जीना के रूम मे तो उसके पति ने ए सी लगवाया हुआ है |
मैं उठ के जीना के रूम के बाहर गया और दरवाजा खटखटाया | जीना उबासी लेती हुई उठ कर आई और दरवाजा खोला | मैं जीना को देखता ही रह गया | जीना ने नीले रंग का नाईट ड्रेस पहना था, जो एक तरह का गाउन था और उसके ऊपर जालिदार लॉन्ग गाउन था | उसके निप्पल भी काफी हद तक दिख रहे थे, शायद उसने अंदर ब्रा ना पहनी हो |
हां भैया क्या हुआ?
मैंने कहा – उस कमरे में गर्मी लग रही है यार, पंखा कितना धीरे चलता है | कितनी देर से सोने कि कोशिश कर रहा हूँ, लेकिन गर्मी कि वजह से नींद ही नहीं आ रही है |
वो बोली – आप इधर ही आ जाओ, यहाँ सो जाओ, यहाँ ए सी चल रही है | मैं भी पागल हूँ जो आपको उधर गर्मी में सोने के लिए बोल दिया |
मैंने कहा – कोई प्रॉब्लम तो नहीं है ना? अगर मैं इधर तेरे साथ सोउ तो |
वो बोली – नहीं भैया, मुझे क्या प्रॉब्लम होंगी |
फिर हम दोनों बेड पर लेट गए और जीना को फिर सी नींद आ गई | मेरी नींद गायब हो गई, जब मैंने जीना को ऐसे सोते हुए देखा – वो सीधी होकर लेटी हुई थी, उसकी नाइटी जांघो तक चढ़ी हुई थी और चुत पर चिपकी हुई थी जिससे उसको पैंटी कि लाइन साफ पता चल रही थी और उसको गोरी गोरी जाँघे देखकर मेरा लण्ड तन रहा था |
मैंने कांपते हाथों को उसकी जांघो कि तरफ बढ़ाया और उसकी नाइटी को धीरे धीरे ऊपर खींचने लगा | उसकी नाइटी अब काफी ऊपर चढ़ चुकी थी |
फिर मैंने धीरे से उसकी जांघ पर हाथ रखा और धीरे धीरे हाथ को ऊपर बढ़ाने लगा और फिर नाइटी के नीचे हाथ डाल दिया जिससे मेरी उंगलियां उसकी मुलायम पैंटी पर टच हुई | मैं उसकी पैंटी पर उंगलियां फेरने लगा और फिर उसकी चुत के ऊपर उंगलिया फेरने लगा | मुझे उसकी पतली सी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चुत का शेप महसूस हो रहा था |
मेरी धड़कने बढ़ गई और लण्ड एक दम कड़क हो गया | मैं उसकी पैंटी के अंदर हाथ डालने लगा | जैसे ही मेरा हाथ उसकी नंगी चुत को छुआ वैसे ही जीना हिलने लगी |
मैंने झट से हाथ बाहर निकाल लिया और जीना करवट लेके मेरी तरफ पीठ करके सो गई |
कुछ देर तक मैं ऐसे ही लेता रहा फिर मैं जीना के नज़दीक खिसका और ऊपर उठ कर जीना के बूब्स को देखने लगा | मैंने देखा कि जीना के बूब्स उसकी नाइटी से काफी हद तक बाहर आ रहे थे, क्यों कि उसकी नाइटी का गला काफ़ी बड़ा था और अंदर ब्रा भी नहीं पहनी थी |
मैंने अपना हाथ आगे किया और उसकी नाइटी के गले में डाल दिया और उसके बूब्स पर फैला दिया | फिर धीरे धीरे से बूब्स को सहलाने लगा | मेरा लण्ड फिर से कड़क हो गया |
मैं जीना के पिछवाड़े से सट कर लेट गया और उसकी गांड पर लण्ड को दबाने लगा | और उसके बोबे को सहलाने लगा | ऐसा करते करते काफी जोश आने लगा तो मैंने मेरा पैंट घुटनों तक खोल दिया और अंडरवियर भी घुटनों तक खोल कर उसकी गांड से चिपक गया और उसकी पैंटी पर रगड़ने लगा |
अब मैंने उसके बूब्स पर जोर लगाना शुरू किया और जोर जोर से दबाने लगा | इससे जीना कि नींद खुल गई और उसने आँखें खोल कर पीछे मुड़ कर देखा, लेकिन मैं रुका नहीं, क्यों कि मैं बहुत जोश में था और मेरा डर एक दम गायब हो चूका था |
जीना ने मुझ पर नज़र डाली और फिर उसने पाया कि मेरा लण्ड मेरी चड्डी से बाहर है और मैं उसकी पैंटी पर रगड़ रहा हूँ | उसकी नाइटी पूरी ऊपर हो चुकी है और मेरा हाथ उसके बूब्स पर है | वो फिर से मुँह को आगे कि तरफ करके लेट गई | उसने भी सोचा जब इतना कुछ तो हो ही चूका है, फिर कुछ भी ना – नाकारा करने से क्या मतलब है, वो भी अब, जब माहौल ही पूरा चुदाई का बना हुआ है | उसने मेरे लण्ड पर अपनी गांड को दबा दिया |
मुझे भी अब ग्रीन सिग्नल मिल गया, और मैंने झट से खुद के सारे कपडे निकाल लिए और जीना को सीधी लिटा कर उसके ऊपर लेट गया और उसको लिपकिस्स करने लगा | जीना भी मेरा साथ देने लगी |
मैंने उसके होंठ, उसके गाल, उसकी गर्दन, उसकी छातियों को जी भर के चूमा, फिर उसकी जांघो को और उसके पैरों को चूमा और फिर उसकी नाइटी को निकाल दिया |
अब जीना मेरे सामने सिर्फ नीले रंग कि पैंटी में थी जिसमे वो बेहद सेक्सी लग रही थी | मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि ऐसा सच में हो रहा है मेरे साथ |
मैंने जीना के पैर फैलाये और मैं उसके पैरों के बीच बैठ कर उसकी पैंटी चूमने लगा और चूमते चूमते उसकी पैंटी को खोल दी | उसकी चुत वाले हिस्से से उसकी पैंटी गीली और चिकनी हो रही थी |
अब जीना मेरे सामने पूरी नंगी थी | उसकी चुत बेहद खूबसूरत थी | दोनों तरफ हाल ही में शेव किये हुए बारीक बाल और उनके बिच मैं चुत के रस से भीगी हुई पतली सी दरार, जो काफी चमक रही थी |
मैंने चुत पर किस्स किया और दो उँगलियों से उसकी चुत कि फांकों को दूर किया | अंदर से पूरी तरह चिकनी हुई उसकी गुलाबी चुत देखकर लगा कि मानो जन्नत अगर कही है तो वो इसकी चुत में है |
मैंने उसकी गुलाबी चुत को जीभ से चाटना शुरू किया | और वो मेरे बाल पकड़ कर मेरे मुँह को उसकी चुत पर दबा रही थी और कमर हिला कर सिस्कारिया भर रही थी |
फिर मैं उठ कर उसके ऊपर लेट गया और उसके बोबे दबाने और चूसने लगा | उसके निप्पल गहरे भूरे रंग के थे जो एक दम कड़क हो चुके थे और पुरे बूब्स कि गोलाइयों पर गुज़बम्पस आ रहे थे |
मैंने उसके बूब्स को दबा दबा कर लाल कर दिए और निप्पल को दाँतों से काट काट कर उसके बोबे दबाए | जीना को काफी दर्द हो रहा था और वो सिस्कारिया ले रही थी जिससे मुझे और भी जोश आ रहा था और मैं मेरे लण्ड को उसकी चुत पर रगड़ रगड़ कर उसके बोबे चूस रहा था |
फिर मैंने जीना को बैठा दिया और मैं भी घुटनों पर बैठ गया, जीना के बड़े बड़े बोबे अब निचे कि और लटक गए | मैंने जीना को कसकर हग किया और फिर हम लिपकिस्स करने लग गए |
अब मैं नीचे लेट गया और जीना मेरे शरीर को चूमने लगी | मेरे निप्पल मेरे सीने पर मेरे पेट पर मेरी जांघो को चूमते चूमते मेरा लण्ड हाथ में पकड़ लिया और हिलाने लगी और उसको चूमने लगी | चूमते चूमते लण्ड को सब तरफ से चाटने लगी और फिर मुँह में लेकर चूसने लगी | बहुत देर तक अंदर बाहर करके उसने मेरे लण्ड को चूसा |
फिर मैं उठा और उसको निचे लेटा दिया, उसके पैर फैलाये और उसकी चुत पर लण्ड को सेट करके उसकी चुत के अंदर एक झटका मार के लण्ड को अंदर घुसा दिया |
झटके कि वजह से उसे दर्द हुआ और वो थोड़ा चिल्लाई – आह्हः भैया !
मैं एक मिनट के लिए रुक गया और उसको चूमने लगा | और फिर धीरे धीरे लण्ड को अंदर बाहर करके उसको चोदने लगा |
अब उसको भी मजा आ रहा था | मैंने झटको कि स्पीड बढ़ा दी और उसकी चुत को जोर जोर से चोदने लगा |
कुछ देर बाद उसको घोड़ी बना दिया और घोड़ी बना कर उसकी चुदाई कि | और फिर से उसको लेटा का उसकी चुदाई कि | और फिर एक समय आया तब मेरा होने वाला था, और मैंने लण्ड को पूरा अंदर धकेल कर दबाए रखा और मेरा माल छूटने लगा | जीना उसकी कमर हिला कर मेरे लण्ड से मेरे माल को उसकी चुत में समाने लगी | मैं उसके ऊपर बेसुध होकर गिर गया |
इसी तरह कुछ देर तक लेटे रहे, उस बिच मेरा लंड भी सिकुड़ कर उसकी चुत से बाहर आ गया |
फिर हम दोनों उठे और सिर्फ चड्डी बनियान पहन कर सो गए |
कुछ देर सोने के बाद फिर से मेरी नींद खुली | और जीना को ब्रा पैंटी में देख कर मेरा लण्ड वापस खड़ा हो गया और मैं वापस उसको सहलाने लगा और फिर उसके ब्रा पैंटी खोल कर नंगी कर दी |
वो मेरी तरफ पीठ करके सोई थी तो मै इसके पिछवाड़े से चिपक गया और पीछे से उसकी चुत में लण्ड डाल दिया और उसके बूब्स दबाते हुए उसको चोदने लगा, और काफी देर चोदने के बाद एक बार फिर मैंने उसकी चुत को मेरे रस से भर दिया |
इसी तरह अगले दिन तक मैंने जीना कि 4 बार चुत मारी |
अगले दिन उसके घरवाले आ गए और मैं भी फिर मेरे घर आ गया |
धन्यवाद |