चचेरी दीदी की चुदाई, भाग – 1
हेलो दोस्तो
ये कहानी है मेरी और मेरी चचेरी बहन के बारे में, मेरी चचेरी बहन का नाम है अर्चना दीदी हमसे 15 साल बड़ी है लेकिन देखने में बहुत सुंदर है बहुत खूबसूरत गदराए हुए शरीर की मालकिन है उनको देखते ही मेरा ही क्या किसी का भी लंड खड़ा हो जाता है मैं हमेशा उनके बारे में सोच कर मुठ मारता हूं उनके बड़े बड़े स्तन बड़े बड़े गांड और बाल उनके गांड तक आते हैं क्या लगते हैं।
एक बार मैं उनके घर गया था तो दीदी की बेटी का लंदन में एडमिशन कराने के लिए जाना था तो जीजा जी को छुट्टी नहीं मिल रही थी तो जीजा जी बोले अपने भाई को ले जाओ तो दीदी पूछी क्या रवि चलोगे मेरे साथ। तो फिर मां मन गया क्योंकि मौका मिल रहा दीदी के साथ कहीं बाहर जाने का माई थोरा ताल मतोल करके हां कर दिया।
फिर हमलोग 1 महीने का वीजा वेगेरा कराके लंदन चले गए वहां होटल में 2 कमरे के लिए एक कमरा, दीदी और उनकी बेटी एक कमरा मैं। फिर उनकी बेटी का अगले दिन कॉलेज में एडमिशन कराके हॉस्टल में शिफ्ट हो गई। वही पर बहनजी के दोस्त की माता-पिता से भी दोस्ती हो गई तो उन लोगों ने हमको और दीदी को शाम को पार्टी में आने के लिए इनवाइट किया।
फिर हमलोग पार्टी मा पूछ गए खूब दारू व्हिस्की चल रहा था और मैं भी एन्जॉय कर रहा था फिर पार्टी खत्म हुई और हम दीदी कैब के लिए और चल दिए थोरी दूर गए थे कि अर्चना दीदी को कुछ होने लगा जैसे कि वो मदहोश होने लगी मैं दीदी से पूछ रहा था कि दीदी काया हो रहा है दीदी बोली कि मुझे नहीं। पता पर अजीब लग रहा है माई और अर्चना दीदी किसी तरह होटल में पहुंचीं माई दीदी को उनके रूम में लेके गया तब तक दीदी और उत्तेजीत और हॉर्नी होने लगी मुझे कुछ समझ नहीं आया था तभी डेज़ी दीदी की मोबाइल में रिंग हुई माई स्पीकर पर कर के दीया तो उधर से वही पार्टी देने वाले दोस्त का फोन था तो वो बोले कैसा लग रहा है डेज़ी तो दीदी बोली की पार्टी माई से निकलने के बाद अजीब लग रहा है तो वो बोली सेक्स करने का मन कर रहा है बोलो।
दीदी बोली नहीं, ऐसी बात नहीं. वो बोली झूठ मत बोलो माई तुम्हारे ड्रिंक माई सेक्स करने की 4-5 गोली मिला दी थी। अर्चना दीदी बोलीं कि ऐसा क्यों किया अब मैं क्या करूंगी. तो वो बोली आजाओ मेरे पास यहां बहुत लोग तुमको चोदने के लिए त्यार हैं हाय दीदी बोलीं.और फोन काट दिया. थोरी देर बाद अर्चना दीदी और मदहोश होने लगी बर्दाश्त नहीं हो रहा था। तो वो बोली रवि कुछ करो नहीं तो मैं मार जाऊंगी तुम कुछ करो माई बोला कि माई क्या करु तो वो बोली तो क्या तुम मुझको किसी और के साथ चुदते देखना चाहते हो क्या।
दीदी के मुंह से गंदी बात सुनकर मुझे डर लग रहा है, फिर लगा कि गोली का असर है। मैं बोला नई। तो कुछ करो .मुझे सॉक मार दिया था माई सोचने लगा कि माई क्या करू तो माई पहले अर्चना दीदी को गले लगाया और फिर माई उनके शरीर को सूंघने लगा दीदी भी मेरा साथ दे रही थी माई अपने हाथों को उनके शरीर पर से उनके गांड पर सलवार के ऊपर से हाथ को फेरने लगा मुझे तो यकीन हो नहीं हो रहा था माई उनकी चूची का शामिज के ऊपर से ही खूब जोर से मसलने लगा जब दीदी जोर जोर से सिस्कारियां ले रही थी दीदी जितना सिस्कारियां लेती थी मैं उनकी चूची को उतना ही जोर जोर से मसल रहा था उनकी चूची मसलता मेरा एक हाथ उनकी सलवार के ऊपर से ही उनकी चूत पे ले जा कर उनकी चूत में रगड़ने लगा.
मुझे तो यकीन ही नहीं हो रहा था कि मैं अपनी चचेरी बहन की चूत को छू रहा था। मैं पूरी तरह से रोमांटिक हो गया था। और दीदी भी जोर जोर से सिस्कारियां लेने लगी बोलने लगी रवि मेरे पूरे शरीर को खा जाओ माई एक हाथ से उनके बूर को सलवार के ऊपर से ही मसल रहा था फिर मेरा एक हाथ उनकी गांड को मसलने लगा क्या बड़े मुलायम गांड थे मेरे एक हाथ में नहीं समा रहे थे उनके गांड मसलते मैं अपना एक उंगली उनकी गांड के छेद में सलवार के ऊपर से ही डालने लगा।
मेरे एक उंगली उनकी गांड के छेद में गले जा रहे थे दीदी मदहोश होती जा रही थी बहुत बड़ी गांड थी। फिर मैं दीदी को चूमते हुए उनकी शाम को उनके जिस्म पर से अलग कर दिया, दीदी ने सफेद रंग की ब्रा पहनी थी राखी थी मैं थोड़ी देर उनको देखता रहा फिर मैंने उनकी चूची पर टूट पड़ा क्या मजबूत और सुडोल कंधे और चूची थी उनके दोनों चूची के बीच में अपना मुंह डालकर सूंघते हुए चूमने लगा धीरे-धीरे माई उनको चूमते हुए नीची उनकी नाभि के पास पहुंच गई दीदी अह्ह्ह्ह आह्ह कर रही थी पूरे कमरे में उनकी सिस्कियां से गूंज रही थी और मैं उनकी नाभि को चटाते चाटते उनकी कमर के पास अगया माई उनकी सलवार के ऊपर से ही उनकी चूत माई अपना मुँह लगा दिया क्या मस्त कमर थी।
और मैं उनकी चूत को सूंगने लगा क्या खुशबू थी मैं थोड़ी देर सोंगता रहा फिर अपने जीभ से चटने लगा सलवार के ऊपर से ही मेरा लंड पूरा हथौड़ा जैसा कठोर खरा होगया था फिर मैंने दीदी की सलवार का नारा को अपने दांतों से पकड़ कर खींच दिया फिर से मैंने अपने दांतों से हाय उनकी सलवार को उतरने लगा पर उतर नहीं पाया क्यों कि उनकी भारी भरकम गांड उनकी सलवार को दबाया हुई थी फिर मैं अपने दोनों हाथों से उनकी सलवार को उनके जिस्म पर अलग करने के लिए उम्र बढ़ा दिया और जैसे तासे उनके सलवार उनके घुटनों से होते हुए उनके जिस्म से अलग कर दिया।
फिर मैंने दीदी को देखने लगा मेरी दीदी अर्ध नंगी बिस्तर पर लेटी हुई सफेद रंग की पैंटी और ब्रा में, मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि माई दीदी के कपडे उतार कर ब्रा पैंटी में देख रहा हूँ मैं क्या नजारा था
…………….मस्त चुची थी उनके बाल कमर तक आ रहे थे जो कि उनकी खूबसूरती में चार चांद लगा रहे थे, मैं उनके गले को चूमने लगा उनके चुचियों को ब्रा के ऊपर से ही चूम रहा था और दोनो हाथों से मसल रहा था दीदी सिसकियाँ ले रही थी आ इइइइइइ आह्ह्ह आआह आआह. …. रवि बहुत मजा आ रहा है फिर मा उनसे लिपट गया और एक हाथ उनके पीठ को मसलते हुए उनके चूतर दबाने लगा पैंटी के ऊपर से ही क्या बड़ी गांड थी एक हाथ से तो मसले भी नहीं जा रहे थे।
फिर मैंने अपना हाथ उनको पैंटी के नीचे डाल दिया और नंगे में चोदा तो मैं रोमांस कर रहा था मुझसे रहा नहीं गया और मैंने अपना एक हाथ उनको पैंटी के नीचे डाल दिया तो मैंने एक पल के लिए ऐसा लगा कि मैं स्वर्ग माई हूं काया बोलूं यार इतना मुलायम गांड था कि मैं भूल गया फिर माई दीदी की सिसकियाँ को सुना तो मेरा ध्यान टूटा फिर मैंने अपने हाथों से उनके मुलायम गांड को मसलने लगा फिर माई अपना एक उंगली उनके गांड की सुरख में टच किया तो दीदी चिहुक उठी माई नहीं रुका और उंगली को उनके गांड के सुरख के अंदर डाल दिया दीदी बिलबिला उठी होश में नहीं होते हुए भी वो चटपटाने लगी मुझे लगा कि दीदी की गांड अभी तक कुंवारी माई खुश हो गया लगता है इनका गाड़ को खोलने का सौभाग्य मुझे ही मिलेगा।
माई अनके गांड माई आपने दूसरा उंगली डाल दिया अब दीदी बर्दाश्त नहीं कर रही थी वो उनके आखिरी से आंसू आने लगे मैंने दोनों उंगली उनकी गांड से निकाल लिया और उनके सामने ही उन दोनों उंगली को पहला सोंगा दीदी शर्मा गई।

फिर मैं उनके सामने उन दोनों उंगली को मुंह में लेके चाटने लगा दीदी झट से मेरे दोनों उंगलियों को मेरे मुंह से निकाल कर कहती है कि गंदी चीज वो उसे मुंह में मत डालो मैं बोला दीदी आपको नहीं पता ये मेरे लिए अमृत के समान है और मैं फिर से दोनों उंगलियों को चाटने लगा दीदी ने अपना मुंह अपने हाथों से छुपा लिया.
फिर मैं उन्हें चूमते हुए उनके कमर के पास आ गया और उनकी चूत को पैंटी के ऊपर से देखता रहा, उन पर टूट पड़ा, क्या सूगंध हल्की हल्की सुसु की महक आ रही थी, मैं अपना जीभ निकाल कर पैंटी के ऊपर से ही चाटने लगा, दीदी पूरी तरह से तड़पने लगी अपने दोनों हाथों से मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी, मेरी उनकी चूत से रगड़ रगड़ के चाट रहा था, इतनी माई दीदी झर गई माई पैंटी के ऊपर से ही उनके रस को चैट कर साफ कर दिया।
दोस्तो अगले अपडेट, मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने दीदी को नंगा किया और कैसे मेने उनकी चुदाई किया……..