बड़ी बहन के ससुराल में छोटी बहन की चुदाई
हैलो फ्रेंड्स,
कैसे है आप सब?
आज मैं आपको बताने जा रहा हूँ कि किस तरह से मैंने मेरे मामा की लड़की किट्टू की चुदाई की।
मेरे मामा का घर मेरे घर के सामने ही है। और उनकी सबसे छोटी बेटी किट्टू जो की 25 साल की है, दिखने मे बेहद खूबसूरत है। मुझसे 8 साल छोटी है। पतला शरीर, लंबा कद, छोटे छोटे बूब्स, पतली सी कमर, सेक्सी गांड, कुल मिलाकर एक चलती फिरती बम है।
अब मैं कहानी पर आता हूँ……..
पिछले सप्ताह किट्टू की बड़ी बहन ने मुझे फोन करके बताया की मेरे सास, ससुर आज घर पर नही है। तेरे जीजाजी और मैं, हम दोनों ही है। तु भी आ जाना, हम लोग पार्टी करेंगे।
मैंने पूछा की और कौन आ रहा है?
तो वो बोली की मेरी अभी किट्टू से बात हुई है, वो भी आने के लिए तैयार है। तो तुम दोनों साथ मैं ही आ जाना।
मैंने कहा ठीक है, हम लोग पहुँच जाएँगे शाम को।
फिर शाम हुई और मैं किट्टू को लेकर किट्टू की बहन के ससुराल पहुँच गया। हम बातें कर रहे थे और कुछ ही देर मे जीजाजी भी अपनी दुकान से फ्री होके घर आ गए।
किट्टू की बहन और जीजाजी ने मिलकर पनीर बिरयानी बनाई और साथ साथ ही जीजाजी ने हम सब के लिए दारू के पेग बना लिए। फिर हम लोग दारू पीने लगे और बातें करने लगे।
सबके 1-1 पेग खत्म हुए फिर जीजाजी ने फिर से दूसरे पेग बनाए। और इसी तरह बातों बातों मैं हम लोगों ने मिलकर पूरी एक बोतल खाली कर दी।
अब सबकी बातों से लगने लगा था की सब लोग नशे मे हो चुके है।
फिर हम सब ने मिलकर बिरयानी खाई, और गर्मी का टाइम चल रहा है इसलिए हम लोग छत पर टहलने चले गए।
रात के करीब 1.30 बज रहे थे और हम लोग सोने के लिए नीचे आ गए।
किट्टू की बहन ने मुझे और किट्टू को कहा की तुम दोनों मम्मी (सास) के रूम मे सो जाओ। और वो दोनों पति पत्नी अपने कमरे मे सोने चले गए।
उनका कमरा बाथरूम के पास मे था और जहाँ हम सोए थे वो कमरा रसोई के पास था।
किट्टू और मैं तो इतने नशे मे थे की पलंग पर पड़ते ही नींद आ गई, चूंकि यहाँ डबल बेड लगा हुआ था इसलिए किट्टू और मैं वहीं बेड पर सो गए।
और शायद किट्टू की बहन और जीजाजी भी नशे मे थे तो वो भी सो चुके होंगे।
रात को करीब 3 बजे मेरी आँख खुली, मुझे बाथरूम जाना था। मैंने किट्टू की तरफ देखा, वो कंबल ओढ़ कर सो रही थी और गहरी नींद मे थी।
मैं उठा और बाहर निकल गया और सीधे वॉशरूम चला गया। टॉयलेट कर के वापस बाहर निकला। तभी मेरे कान मे कराहने की आवाज आई और मैं एक दम से वहीं रुक गया। और जब मैंने उस आवाज पर गौर किया तो मुझे पता चला की आवाज किट्टू की बहन के कमरे से आ रही है।
उनका दरवाजा तो बंद था लेकिन खिड़की खुली हुई थी, क्यों कि कमरे के बाहर कूलर रखा था और कूलर की हवा के लिए खिड़की खुली रखी थी।
मैंने जब खिड़की से थोड़ा अंदर झांकने की कोशिश की तो मुझे अंदर का थोड़ा सा नज़ारा दिखाई दिया। कमरे मे एक ज़ीरो वाट का बल्ब जल रहा था जो बहुत ही कम रोशनी कर रहा था। किट्टू के जीजाजी उसकी बहन के उपर लेटे हुए थे, और उसकी चूत मार रहे थे, और उसकी बहन के मुँह से सिसकरियाँ निकल रही थी।
मैंने आधे मिनट तक उनकी चुदाई देखी फिर ख्याल आया की कहीं वो मुझे ना देख ले कि मैं उनको देख रहा हूँ, इसलिए मैं वहाँ से निकल गया और सोने चला गया।
लेकिन अब मेरी नींद पूरी तरह से उड़ गई, और मेरे दिमाग मे उनकी चुदाई का सीन ही चल रहा था, मेरा दिल बहुत बेचैन हो रहा था और मेरा लंड भी मचल रहा था।
मैं कंबल ओढ़ कर लेटा हुआ था, तो कंबल के अंदर ही मैंने अपना शॉर्ट्स खोल दिया और बनियान भी खोल कर रख दिया। फिर मैंने चड्डी मे हाथ डाल दिया और लंड पकड़ लिया और दीदी- जीजाजी के बारे मे सोच कर लंड हिलाने लगा।तभी किट्टू नींद मे थोड़ी सी हिली और फिर मेरी तरफ पीठ करके सो गई।
एक तो मैं पुरा नशे में और ऊपर से दीदी कि चुदाई। मेरा अपने आप पर कंट्रोल नहीं था और मैं पूरी तरह से उत्तेजित हो रहा था, और जब मैंने देखा की किट्टू मेरी तरफ पीठ करके सो रही है तो मैंने बिना कुछ सोचे समझे मेरा कंबल मेरे उपर से हटा दिया और किट्टू के बिल्कुल पास खिसक गया और धीरे- धीरे उसका कंबल पीछे से उपर किया और उसकी कंबल मे घुस गया और आहिस्ता- आहिस्ता उसके बदन के नजदीक खिसकने लगा।
जैसे- जैसे मैं उसके नजदीक पहुँच रहा था वैसे वैसे मुझे किट्टू के जिस्म की गर्मी महसूस हो रही थी, और मेरा लंड और भी ज्यादा तड़प रहा था, हाथ कांप रहे थे।
जैसे ही मेरा शरीर किट्टू के बदन से टच हुआ, मेरी पूरी बॉडी मे मानो करंट दौड़ गया हो, और मेरे शरीर का रोम- रोम खड़ा हो गया। और मेरे दिल की धड़कने बहुत तेज़ हो गई। मैं सिर्फ चड्डी मैं था, मेरा लंड सीधे किट्टू की गांड पर टच होने लगा।
मैं कुछ देर रुक गया, लंबी सांस लेकर मेरी धड़कनो पर काबू पाया। लेकिन किट्टू गहरी नींद और नशे मे थी तो उस कुछ भी भनक नही लग रही थी।
अब मैं पुरा किट्टू के पीछे सट गया और उसके जिस्म की गर्मी को और उसकी खुशबु को महसूस कर रहा था जिससे मेरी काम वासना ज्यादा भड़क रही थी, और मेरा लंड चड्डी फाड़ कर बाहर आने को आतुर हो रहा था।
किट्टू ने पतला सा शॉर्ट्स पहना हुआ था, उसकी पैंटी लाइन मुझे काफी हद तक महसूस हो रही थी।
मैंने धीरे धीरे अपने लंड को उसकी गांड की दरार मे सेट किया और फिर धीरे धीरे रगड़ने लगा। ऐसा करने मे मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। लेकिन मन मैं यही चल रहा था की हमारे बीच जो कपड़ों की पतली सी दीवार आ रही है वो भी जल्दी से जल्दी हट जाए।
धीरे धीरे मैंने अपना हाथ किट्टू के पेट पर रखा और बहुत ही ध्यान से उसके टी शर्ट मे डाल दिया, और धीरे धीरे अपना हाथ उसके बूब्स की तरफ बढ़ाने लगा। मेरे दिमाग मे ये था की टी शर्ट मे हाथ डाल कर उसकी ब्रा पर हाथ रख दूंगा फिर बोबे दबाउंगा। और ऐसा ही करने के लिए मैंने अपना हाथ उसके बूब्स की तरफ बढ़ाया और अचानक मेरा हाथ उसके बोबे से टकरा गया, तब मुझे पता चला की किट्टू ने ब्रा ही नही पहनी है।
उसके बोबे को छूते ही मेरे लंड मे सुनामी आने लगी और मैने अपने लंड को किट्टू की गांड पर दबा दिया। कुछ सेकंड रुक कर मैंने किट्टू के बोबे पर अपनी हथेली को फैला दिया। और उसके मुलायम बोबे को धीरे धीरे सहलाने लगा।
किट्टू को अभी तक भी पता नहीं लगा। वो ज्यादा गहरी नींद में थी और ये सब दारू के नशे का कमाल था। इससे मेरी हिम्मत और ज्यादा बढ़ी और मैंने अब बोबे को आहिस्ते आहिस्ते दबाना शुरू किया और निप्पल को भी दबाना शुरू किया, और तभी किट्टू के मुँह से एक धीमी सी आह… की आवाज निकली, और मैं एक दम से रुक गया।
किट्टू की नींद अब खुल गई थी, शायद मैंने उसके निप्पल को ज्यादा तेज निचोड़ लिया था। उसने आँखे खोली और अपनी गर्दन को मेरी तरफ घुमा कर मुझे देखा, और फिर से आगे की तरफ अपना मुँह घुमा लिया, और मेरा हाथ पकड़ कर अपने टी शर्ट से बाहर निकालने लगी। लेकिन मैंने थोड़ी सा जोर जबरदस्ती करके हाथ को बाहर नही निकलने दिया।
एक बार विरोध करने के बाद उसने भी मेरा हाथ छोड़ दिया और वापस आँखे बंद करके सो गई। मैंने फिर से अपना हाथ उसके बोबे पर रख दिया और बोबे को सहलाने लगा, और उसने मेरे हाथ के उपर ही अपना हाथ रख लिया।
अब मुझे भी पता चल गया की अब वो विरोध नही करेगी, उसे भी मज़ा आ रहा है। वो बस आँखे बंद करके लेटी हुई थी और मै उसके दोनों बोबे बारी बारी दबा रहा था और उसकी गांड पर अपना लंड रगड़ रहा था।
अब मैंने मेरा दूसरा हाथ उसके सर के नीचे से डालकर आगे की तरफ कर लिया जिससे उसका सर मेरी बाजू पर हो गया। फिर मैंने उसके टी शर्ट के गले मे मेरा हाथ डाल दिया और दूसरे हाथ से उसके बोबे दबाने लगा, और एक हाथ जो पहले टी शर्ट के अंदर था उससे उसके पेट को सहलाने लगा और फिर उसकी नाभि में उंगली डालकर सहलाने लगा।
धीरे धीरे मैंने अपना हाथ उसके शॉर्ट्स की तरफ बढ़ाया और उसकी गांड पर रख कर गांड सहलाने लगा, फिर उसकी नंगी जांघो को सहलाया और फिर उसकी जांघो के बीच हाथ फेरने लगा। उसकी रेशमी, गरम जांघो पर हाथ फेर कर बहुत मज़ा आ रहा था, मेरा लंड अब तक भीग चुका था और वो किट्टू के शॉर्ट्स को भी भीगो रहा था।
जांघे सहलाते सहलाते मैंने उसकी चूत को छुआ और शॉर्ट्स के उपर से ही चूत को सहलाने लगा। तभी किट्टू कसमसाने लगी और करवट लेने के लिए हिलने लगी।
मैंने पीछे होकर उसको करवट लेने की जगह दी, और वो सीधी होकर लेट गई।
मैंने फिर से मेरा हाथ उसके शॉर्ट्स पर रखा और उसकी चूत सहलाने लगा। उसने अपना हाथ उसकी आँखों पर रख दिया और आँखे बंद कर के लेटी रही, लेकिन उसकी साँसों से पता चल रहा था की उसकी धड़कने बढ़ी ही है।
अब मैंने उसके शॉर्ट्स के अंदर हाथ डाला और उसकी पैंटी के उपर से उसकी चूत सहलाने लगा, और तभी मुझे मालूम चला की उसकी चूत से भी थोड़ा पानी निकल चुका है और उसकी पैंटी थोड़ी सी भीगी हुई है।
मैंने उसकी पैंटी के अंदर ही हाथ डाल दिया। उसकी नंगी चूत को छूते ही मेरी हवस आसमान को छूने लगी। मैंने झट से उसके होंठ पर अपने होंठ रखे और उनको चूमने लग गया। एक- दो बार तो उसने मुझसे छुट्ने की कोशिश की लेकिन वो सिर्फ दिखावे की कोशिश थी। और फिर वो खुद भी मेरे होंठ चूमने लगी।
मैं उसकी चूत को सहलाते सहलाते उसके होंठ चूम रहा था। और फिर मैंने उसका हाथ पकड़ कर मेरी चड्डी मे डाल दिया और उसको अपना लंड पकडा दिया। वो भी धीरे धीरे मेरा लंड हिलाने लगी।
वो भी अब गर्म हो चुकी थी और मेरा पुरा साथ दे रही थी।
मैंने हमारे उपर से कंबल को पुरा हटा लिया और किट्टू का टी शर्ट खोल दिया, और शॉर्ट्स को भी खोल दिया। अब हम दोनों ही सिर्फ चड्डी मे थे।
मैंने उसको गले से लगा लिया। उसके बोबे मेरे सीने पर दबने लगे और मेरा लंड उसकी चूत को छूने लगा।
मैं उसकी गांड को सहलाते सहलाते उसके होंठ चूम रहा था, और लंड को उसकी चूत पर दबा रहा था। वो भी उसकी चूत को मेरे लंड पर रगड़ रही थी।
मैं उसकी पैंटी मे हाथ डाल कर उसकी गांड मसल रहा था और फिर उसकी पैंटी को भी नीचे खिसकाने लगा। किट्टू ने अपनी कमर को थोड़ा उपर उठाया जिससे मैं पैंटी को पूरा खोल सकूँ।
अब किट्टू पूरी नंगी हो चुकी थी……
किट्टू सीधी होकर लेट गई, और मैं किट्टू के पैरों के बीच अपने घुटनों पर बैठ गया और किट्टू को निहारने लगा।
अपनी ममेरी छोटी बहन को इस तरह नंगी देख कर मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। उसके छोटे- छोटे बोबे और उन पर गहरे भूरे रंग के निप्पल जो अभी उभरे हुए है, उसकी पतली सी कमर और पेट पर एक कामुक् सी नाभि, नाभि के नीचे वाला पेट जहाँ बार- बार चूमने का मन करे, उसकी गोरी- गोरी जांघें और जांघों के बीच छोटे छोटे बालों से घिरी चूत, चूत के रस से भीग कर चमकते हुए चूत के होंठ और होंठों के बीच की दरार….. उफ्फ्…….
ये नज़ारा किसी जन्नत से कम नहीं था मेरे लिए।
मैंने मेरी चड्डी खोल दी और किट्टू की जांघो को चूमने लगा और जांघों को चूमते चूमते मैं उसकी चूत तक पहुंचा। उसकी भीगी हुई चूत से भीनी- भीनी महक आ रही थी जिससे मेरा जोश और बढ़ रहा था।
मैंने उसकी चूत पर अपने होंठ रखे और चूत को चूमने लगा। किट्टू की बढ़ी हुई साँसों की आवाज मेरे कानों में पड़ रही थी।
उसकी चूत पर जो बारीक बाल थे वो मेरे होंठो पर चुभ रहे थे और वो मुझे अच्छा भी लग रहा था।
मैंने उसकी चूत के होंठ को अपने होंठों से चूसना शुरू कर दिया। बारी बारी दोनों फांकों को चूस कर अपनी जीभ उसकी चूत की दरार पर फेरने लगा और उसकी फांकों को चीरते हुए जीभ अंदर घुसा दी, और अंदर के गुलाबी हिस्से को चाटने लगा।
किट्टू की हालत खराब हो गई, उसने मेरा सर अपनी चूत पर दबा दिया और खुद ही अपने बोबे मसलने लग गई। कुछ देर चूत चाटने के बाद मैंने देखा की अब किट्टू तैयार है अपनी चूत चुदवाने के लिए, इसलिए मैं उसके उपर लेट गया और उसको लिपकिस करने लगा और उसकी चूत पर लंड रगड़ने लगा। और धीरे- धीरे उसकी चूत में लंड घुसाने लगा।
जैसे ही मेरे लंड का टॉप उसकी चूत मे घुसा, दर्द की वजह से उसके मुँह से हल्की सी चीख़ निकल गई। और मैं वहीं रुक गया और सिर्फ उसे लिपकिस करना जारी रखा।
कुछ देर मे वो भी लिपकिस करने लीन हो गई तो मुझे भी पता चल गया की अब वो नॉर्मल हो गई है तो मैंने धीरे धीरे अपना लंड फिर से उसकी चूत मे घुसाना शुरू किया। और इसी तरह कुछ ही देर मे मेरा लंड उसकी चूत मे पूरा घुस गया।
दर्द के मारे वो कराह रही थी लेकिन मैंने उसके होंठ अपने होंठ से दबा रखे थे, मेरा लंड पूरा उसकी चूत मे घुसा हुआ था और मैं वहीं रुका हुआ था। क्यों कि किट्टू की चूत एक दम कसी हुई थी इसलिए मुझे भी हल्का हल्का दर्द हो रहा था। और मैं इतना उत्तेजित हो चुका था की मेरे लंड से कभी भी पिचकारी निकल सकती थी। और मैं नहीं चाहता था की मैं जल्दी ही छूट जाऊँ, इसलिए मैं वहीं रुक गया और सिर्फ लिपकिस पर ही ध्यान लगा रहा था।
कुछ देर रुके रहने के बाद किट्टू ने अपनी गांड हिला कर अपनी चूत को मेरे लंड पर दबाया, जैसे की मुझसे कह रही हो कि मैं उसकी चूत मारूं।
मैंने अपनी गांड उपर करके लंड को उसकी चूत से थोड़ा बाहर निकाला और फिर से चूत मे घुसा दिया। और इसी तरह मैं उसकी चूत चोदने लगा। और वो भी अपनी गांड हिला हिला कर लंड को अंदर तक ले रही थी।
अब मैं उसकी चूत चोदने के साथ साथ उसके बोबे भी दबा रहा था, उसको चूम भी रहा था।
मुझे अपनी बहन की चूत चोदने मे बहुत ज्यादा मज़ा आ रहा था। उसकी चूत के पानी से मेरा लंड पूरी तरह से चिकना हो रहा था। किसने सोचा था की एक दिन मैं अपनी ही बहन की चूत के पानी से अपने लंड को तृप्त करूँगा। बहुत किस्मत से ऐसा मौका मिलता है।
बहुत देर तक मैंने उसकी चूत मारी। उसके बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाल दिया। मैं नहीं चाहता था की मेरा वीर्य उसकी चूत मे जाए और वो गर्भवती हो जाए। (हालांकि मेरा हवसी दिमाग तो यही चाहता है की मैं किट्टू की चूत मैं ही अपना वीर्य छोड़ दूँ, और लंड से निकली आखरी बूंद भी उसकी चूत मे झटके के साथ निकले) लेकिन मैं रिस्क भी नहीं ले सकता।
मैं उठकर उसके मुँह के पास गया और अपने घुटनों पर बैठ गया और लंड को उसके होंठों पर रगड़ने लगा। तब उसने मेरा लंड पकड़ा और उसको मुँह मे डाल कर चूसने लगी। उसने मेरा पुरा लंड ले लिया और गले तक उतार कर चूसने लगी।
मैंने उसका मुँह पकड़ लिया और उसके मुँह को चोदने लगा। में उसका चेहरा देख रहा था की कैसे मेरी बहन मेरा लौडा अपने मुँह मे लेकर चूस रही है, मुझे बहुत आनंद मिल रहा था। मैं बहुत उत्तेजित हो गया और मेरे लंड से एक वीर्य की पिचकारी किट्टू के मुँह में ही निकल गई। मैंने अपने लंड से सारा वीर्य किट्टू के मुँह में झटके मार मार के निकाल दिया। और फिर थक हार कर मैं किट्टू के बगल में ही लेट गया।
किट्टू ने उठ कर अपने कपड़े पहने और वॉशरूम चली गई। कुछ देर बाद वो वापस आई तब तक मुझे नींद आने लगी थी। फिर हम लोग सो गए।
सुबह 8.15 बजे मेरी नींद खुली और मैंने देखा की किट्टू नींद निकाल रही है। मैं वॉशरूम जाके आया, अब तक सभी लोग सो रहे थे।
मुझे रात वाली चुदाई याद आ रही थी की किस तरह मैं किट्टू को चोद रहा था और किट्टू भी मजे से मेरा लौडा चूस रही थी। ये सोच कर मेरा लंड वापस अपना आकार बदलने लगा और मेरा मूड भी बन गया।
मैंने किट्टू को देखा, वो उल्टी होकर सो रही थी, और कंबल ओढ़ रखा था। मैंने वो कंबल हटा दिया। मेरा शॉर्ट्स और चड्डी घुटनों तक खोल दिया और किट्टू का शॉर्ट्स और पैंटी भी घुटनों तक खोल दी और उसके उपर लेट कर पीछे से उसकी चूत में लंड डाल दिया।
किट्टू की नींद टूट गई और वो भी अचानक हुए मेरे हमले से चौँक गई। मेरा लंड चूत मे घुसने से दर्द की वजह से उसकी सिस्कारी शुरू हो गई। मैं उसकी चूत मार रहा था, उसके गले में चूम रहा था और उसके बोबे मसल रहा था।
फिर मैंने उसको कमर से पकड़ कर उपर उठाया जिसे वो कुतिया वाली पोज में आ गई। फिर उसकी पतली सी कमर पकड़ कर उसको डॉगी स्टाइल में चोदा।
साली बहुत मजा देती है, बहुत गर्मी है, बहुत आग है किट्टू की चूत में। मेरा 7 इंच का मोटा लंड तो ऐसे ले लिया जैसे कोई बड़ी औरत हो। साली कुतिया को बहुत चोदा कुतिया बना कर रण्डी के जैसे। और फिर से मुँह मे लंड दे दिया और उसके मुँह में ही अपना माल निकाल दिया। साली सारा माल घटक गई।
उसके बाद हम कुछ देर और सोए रहे, फिर उसकी बहन और जीजाजी भी उठ गए और हम लोग भी।
चाय नाश्ता करके हम दोनों वापस घर आ गए।
धन्यवाद…………..